दिनदहाड़े चोरी का खुलासा: 50+ CCTV ने खोला राज, दो आरोपी गिरफ्तार

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जेल में हुई दोस्ती के बाद रची चोरी की साजिश, 10.50 लाख की संपत्ति बरामद; हरियाणा तक पहुंची राजनांदगांव पुलिस

राजनांदगांव – बसंतपुर थाना क्षेत्र की आशीर्वाद कॉलोनी कौरिनभाठा में दिनदहाड़े हुई चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। साइबर सेल और थाना बसंतपुर की संयुक्त टीम ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से करीब 100 ग्राम सोने का डल्ला, लगभग 500 ग्राम चांदी के आभूषण और 1.50 लाख रुपये नगद, कुल करीब 10.50 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, चोरी की वारदात को अंजाम देने की साजिश जेल में बनी पुरानी पहचान के बाद रची गई थी। मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी विक्की वर्मा, निवासी हरियाणा, हाल खुर्सीपार भिलाई बताया गया है, जबकि दूसरा आरोपी रहिमन पिता टीकम दास बड़ाबाघ, निवासी महाराष्ट्र, हाल आशीर्वाद कॉलोनी कौरिनभाठा राजनांदगांव का रहने वाला है।
दोपहर में सूना घर देखकर बनाया निशाना
पुलिस के मुताबिक 11 सितंबर 2026 को प्रार्थी कुल प्रकाश वालदे ड्यूटी पर गया हुआ था। इसी दौरान दोपहर करीब 12:30 से 2:45 बजे के बीच अज्ञात आरोपी ने घर के दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और कमरे में रखी अलमारी के लॉकर को तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण तथा नकदी चोरी कर ली।
शिकायत पर थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 420/2026, धारा 331(3), 305 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
50 से ज्यादा CCTV कैमरों की खंगाली गई फुटेज
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुश्री अंकिता शर्मा IPS के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन IPS और साइबर/क्राइम डीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी के पर्यवेक्षण में टीम गठित की गई।
थाना बसंतपुर प्रभारी निरीक्षक कौशलेश देवांगन और साइबर सेल/थाना प्रभारी विनय पम्मार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद शहर में लगे 50 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। तकनीकी विश्लेषण और संदिग्ध की गतिविधियों का पीछा करते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
जेल की पहचान बनी चोरी की साजिश का आधार
पुलिस के अनुसार तकनीकी जांच और जेल प्रशासन से समन्वय के बाद आरोपी की पहचान आदतन चोरी के मामलों में आरोपी रहे विक्की वर्मा के रूप में हुई। पुलिस टीम ने उसे 20 सितंबर को हरियाणा से हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में विक्की वर्मा ने बताया कि वर्ष 2025-26 में वह चोरी के मामले में सेंट्रल जेल जगदलपुर में निरुद्ध था। इसी दौरान उसकी पहचान रहिमन से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने कथित तौर पर मिलकर चोरी की योजना बनाई।
ऊपर किराए पर रहने वाले आरोपी ने दी घर की जानकारी
पुलिस के मुताबिक रहिमन उसी कॉलोनी में प्रार्थी के मकान के प्रथम तल पर किराए से रहता था। आरोप है कि उसे घर में सोने-चांदी के आभूषण होने और दोपहर के समय मकान सूना रहने की जानकारी थी। इसी जानकारी के आधार पर उसने विक्की वर्मा को राजनांदगांव बुलाया।
पुलिस के अनुसार घटना से करीब एक सप्ताह पहले रहिमन शहर से बाहर चला गया था, ताकि किसी को संदेह न हो। घटना के दौरान दोनों आरोपी मोबाइल फोन के जरिए संपर्क में थे।
सोना गलाकर बनाया करीब 100 ग्राम का डल्ला
पुलिस के मुताबिक चोरी के बाद सोने के कुछ आभूषण हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित ज्वेलर्स को बेचने की बात सामने आई है। वहीं बचे हुए सोने के आभूषणों को गलाकर करीब 100 ग्राम का सोने का डल्ला बनाया गया था। चोरी के चांदी के आभूषण और नकदी का हिस्सा रहिमन के पास होने की जानकारी पुलिस को मिली।
पुलिस ने क्या-क्या किया बरामद?
पुलिस के अनुसार आरोपी विक्की वर्मा के कब्जे से—
करीब 100 ग्राम सोने का डल्ला
1 लाख रुपये नगद
घटना में इस्तेमाल पेचकस
जबकि आरोपी रहिमन के कब्जे से—
चोरी किए गए चांदी के आभूषण
50 हजार रुपये नगद
बरामद किए गए हैं।
दोनों आरोपियों को 20 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
कई जिलों में दर्ज हैं चोरी के मामले
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी विक्की वर्मा के खिलाफ बस्तर, महासमुंद, दुर्ग, कबीरधाम, धमतरी और राजनांदगांव समेत विभिन्न जिलों में चोरी के मामले दर्ज हैं। वहीं दूसरे आरोपी रहिमन के विरुद्ध भी बस्तर जिले में चोरी का एक प्रकरण दर्ज होना बताया गया है।
ज्वेलर की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस का कहना है कि चोरी की शेष संपत्ति की बरामदगी के लिए प्रयास जारी हैं। चोरी के सोने की बिक्री के संबंध में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित ज्वेलर की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने संकेत दिया है कि संलिप्तता पाए जाने पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल बसंतपुर थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम की कार्रवाई के बाद दिनदहाड़े हुई इस चोरी की गुत्थी सुलझ गई है, लेकिन चोरी की पूरी संपत्ति की बरामदगी और संभावित अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका जांच का विषय बनी हुई है।

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