
रायपुर -पदस्थापना, विज्ञापन-टेंडर प्रक्रिया, संपत्ति और पत्रकारों से कथित दुर्व्यवहार समेत कई मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जनसंपर्क विभाग/संवाद कार्यालय में पदस्थ अपर संचालक संजीव तिवारी को लेकर प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन ने गंभीर आरोपों और शिकायतों की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच की मांग उठाई है। एसोसिएशन की ओर से इस संबंध में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्य सचिव समेत संबंधित शासन स्तर के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया है।
एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान महासचिव राहुल कुमार मिश्रा द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में संजीव तिवारी की लंबे समय से चली आ रही पदस्थापना से लेकर विज्ञापन आवंटन, टेंडर प्रक्रिया, कथित दुर्व्यवहार, संपत्ति एवं आय के स्रोत तथा भूमि संबंधी मामलों की जांच की मांग की गई है।
🔎 पांच साल की पदस्थापना पर उठे सवाल
ज्ञापन में छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग की स्थानांतरण नीति-2025 तथा File No. RULE-3017/2/2025-GAD-6, दिनांक 05 जून 2025 का हवाला देते हुए पिछले करीब पांच वर्षों के दौरान संजीव तिवारी की पदस्थापना, स्थानांतरण, पदोन्नति, कार्य-विभाजन, अतिरिक्त प्रभार और स्थानांतरण से संबंधित छूट के आदेशों एवं अनुमोदनों की जांच कराने की मांग की गई है।
एसोसिएशन ने 03 अगस्त 2026 को जारी संबंधित शासन अधिसूचना/पत्र के संदर्भ में भी उनकी पदस्थापना की नियमसम्मत स्थिति का परीक्षण कराने की मांग रखी है।
💰 विज्ञापन और टेंडर प्रक्रिया का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग
शिकायत में पिछले पांच वर्षों के दौरान जनसंपर्क विभाग एवं संवाद कार्यालय में हुए सरकारी विज्ञापन आवंटन और टेंडर प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच/ऑडिट की मांग की गई है।
एसोसिएशन ने विज्ञापन प्राप्त करने वाले समाचार पत्रों और मीडिया संस्थानों की पात्रता, पंजीयन, प्रसार संबंधी दस्तावेज, विज्ञापन दर, भुगतान, बिल, चयन समिति के निर्णय तथा संबंधित फाइलों और नोटशीट की जांच कराने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि यदि जांच के दौरान किसी अपात्र संस्था को नियमों के विपरीत लाभ पहुंचाने की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों अथवा लाभार्थियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
⚠️ पत्रकार से कथित मारपीट के मामले की भी जांच की मांग
एसोसिएशन ने पत्रकारों और समाचार संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ कथित दुर्व्यवहार एवं मारपीट से जुड़ी शिकायतों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ज्ञापन में बुलंद छत्तीसगढ़ समाचार पत्र के हॉकर प्रतिनिधि से संबंधित कथित मारपीट की घटना का उल्लेख करते हुए पुलिस रिपोर्ट, CCTV फुटेज, वीडियो, समाचार प्रकाशन और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान की जांच कराने की मांग की गई है।
साथ ही राखी थाना, नया रायपुर में दर्ज FIR-165/25 का उल्लेख करते हुए मामले में उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच और जांच के निष्कर्ष से संबंधित पक्षों को अवगत कराने की मांग की गई है।
🏠 संपत्ति और आय के स्रोत की जांच की मांग
ज्ञापन में संजीव तिवारी की पिछले पांच वर्षों की ज्ञात आय और संपत्ति का परीक्षण कराने की मांग भी की गई है। एसोसिएशन ने चल-अचल संपत्ति, बैंक एवं वित्तीय लेन-देन, निवेश और आय के ज्ञात स्रोतों की सक्षम वैधानिक एजेंसी से जांच कराने की मांग रखी है।
इसके अलावा खसरा क्रमांक 289/143 से संबंधित भूमि का मौके पर सीमांकन कराकर राजस्व अभिलेखों और वास्तविक स्थिति का मिलान कराने की मांग भी की गई है। शिकायत में कहा गया है कि यदि जांच में शासकीय भूमि पर अनधिकृत कब्जा पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
📌 जांच पूरी होने तक संवेदनशील जिम्मेदारियों से हटाने की मांग
प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन ने मांग की है कि निष्पक्ष जांच प्रभावित न हो, इसके लिए जांच अवधि के दौरान संजीव तिवारी को विज्ञापन, टेंडर अथवा अन्य संवेदनशील वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों से अलग रखने पर शासन नियमानुसार विचार करे।
🗣️ “उद्देश्य किसी की छवि खराब करना नहीं”
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अथवा किसी व्यक्ति की राजनीतिक छवि को प्रभावित करना नहीं है। संगठन का कहना है कि अधिकारियों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो और शासन व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
👥 ये पदाधिकारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष सोनू रेलवानी, प्रदेश महासचिव परितोष शर्मा, संदीप शर्मा, प्रदेश संगठन प्रभारी शशिकांत देवांगन उर्फ सनसनी, प्रदेश कानूनी सलाहकार शिव शंकर, प्रदेश प्रधान महासचिव राहुल कुमार मिश्रा, खिलावन चक्रधारी, सरस बर्मन, संतोष यदु एवं जावेद खान सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश प्रधान महासचिव राहुल कुमार मिश्रा ने की।
🔍 अब शासन की जांच पर टिकी नजर
एसोसिएशन ने शासन से मांग की है कि ज्ञापन में लगाए गए आरोपों को पूर्वाग्रह से मुक्त होकर दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांचा जाए। साथ ही यदि जांच में कोई आरोप प्रमाणित होता है तो संबंधित अधिकारी अथवा व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।

🖋️ शशिकांत “सनसनी” देवांगन (शशि कुमार देवांगन)
👨👦 पिता: स्वर्गीय गिरधारी प्रसाद देवांगन
📍 पता: राजीव नगर, वार्ड नं. 42, बसंतपुर, राजनांदगांव, Chhattisgarh – 491441
📞 मोबाइल: 9406138940
📰 वर्ष 2010 से पत्रकारिता जगत में सक्रिय शशिकांत “सनसनी” देवांगन ने अपनी पहचान निर्भीक, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता से बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समय दर्शन दैनिक अख़बार से राजनांदगांव जिला ब्यूरो चीफ के रूप में की। वर्ष 2012 में राजनांदगांव पत्रिका दैनिक से जुड़ने के बाद उन्हें “शशिकांत सनसनी” नाम से विशेष पहचान मिली।
🎙️ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में Swaraj Express, Lalluram.com, Anadi News, Sudarshan News, वंदे भारत न्यूज़ तथा AB News में स्पेशल रिपोर्टर और स्टेट हेड, Chhattisgarh के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।
📺 वर्तमान में वे “सनसनी टाइम्स” YouTube चैनल एवं 🌐 SansaniTimes.in पोर्टल के संपादक के रूप में सक्रिय हैं।
✨ पहचान — बेबाक, तेज़ और सच को जनता तक पहुँचाने वाली पत्रकारिता।


