इंटर्न्स की मांगों पर चिकित्सा शिक्षा विभाग की बैठक, स्टाइपेंड बढ़ाने पर मिला सकारात्मक आश्वासन

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रायपुर में IMA प्रतिनिधियों और मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न्स से आयुक्त चिकित्सा शिक्षा ने की चर्चा, हॉस्टल निर्माण को भी मिली मंजूरी

रायपुर – छत्तीसगढ़ में मेडिकल इंटर्न्स की समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर बुधवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। आयुक्त चिकित्सा शिक्षा रितेश अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में IMA प्रतिनिधियों सहित प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न्स शामिल हुए। बैठक में खासतौर पर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर गंभीरता से चर्चा हुई।

💰 स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर सरकार गंभीर
बैठक में इंटर्न्स ने अपनी प्रमुख मांग रखते हुए वर्तमान स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग की। इस पर चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से कहा गया कि छात्र हित सरकार की प्राथमिकता है और इंटर्न्स की स्टाइपेंड संबंधी मांग पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
विभाग ने भरोसा दिलाया कि सरकार छात्रों के हित में हरसंभव कदम उठाएगी। इससे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे मेडिकल इंटर्न्स को राहत की उम्मीद जगी है।

🏠 मेडिकल कॉलेजों में हॉस्टल को मंजूरी
बैठक में इंटर्न्स और मेडिकल छात्रों के लिए एक और बड़ी जानकारी सामने आई। बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष के बजट में प्रदेश के प्रायः सभी मेडिकल कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल स्वीकृत किए गए हैं। हॉस्टल निर्माण की मंजूरी को छात्रों के लिए महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है।

🏥 स्वास्थ्य सेवाएं बाधित नहीं करने की अपील
बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाएं सीधे तौर पर आम जनता के जीवन और जनहित से जुड़ी हैं। इसलिए किसी भी परिस्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
विभाग ने सभी पक्षों से संवाद और सहयोग के जरिए समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की।

🤝 सकारात्मक माहौल में हुई बातचीत
IMA-MSN Chhattisgarh के संयोजक शाहदिल ख़ुसरू ने बैठक को समस्या समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक वातावरण में चर्चा हुई और आगे भी इसी तरह संवाद और सहयोग की भावना बनाए रखने पर सहमति बनी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन और इंटर्न्स के बीच लगातार बातचीत के माध्यम से समस्याओं का जल्द ही संतोषजनक समाधान निकलेगा।

📍 प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न्स रहे मौजूद
बैठक में पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर, छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कांकेर और शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर के इंटर्न्स उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर विभाग के सकारात्मक रुख और मेडिकल कॉलेजों में हॉस्टल की मंजूरी से इंटर्न्स की मांगों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। अब निगाहें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं।

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