पत्रकारों पर हमले लोकतंत्र पर हमला, सुरक्षा के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ेगी फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी: शिवशंकर सिंह

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एक महीने में पत्रकारों पर दो हमलों का दावा, पत्रकार सुरक्षा कानून और संस्थागत व्यवस्था बनाने की उठाई मांग
राजनांदगांव – जिले में पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमलों के आरोपों के बीच पत्रकार सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं भारतीय किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने पत्रकारों पर होने वाले हमलों को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताते हुए राज्य सरकार और प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकार केवल खबरें नहीं लिखते, बल्कि शासन, प्रशासन और जनता के बीच जवाबदेही सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। ऐसे में पत्रकारों पर हमले अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर चुनौती हैं।
शिवशंकर सिंह ने हाल ही में बसंतपुर थाना क्षेत्र के मोहड़, वार्ड क्रमांक-49 में एक पत्रकार के घर में घुसकर कथित हमले, धमकी और हथियार लहराने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि एक महीने के भीतर पत्रकारों पर दो हमलों के आरोप सामने आते हैं, तो यह केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा का भी प्रश्न है।
उन्होंने कहा कि पत्रकार यदि भय के माहौल में काम करेंगे तो भ्रष्टाचार, प्रशासनिक लापरवाही और जनहित के मुद्दे सामने लाना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की संवैधानिक जिम्मेदारी है।
पत्रकारों के साथ खड़े होने का ऐलान
शिवशंकर सिंह ने कहा कि फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी और भारतीय किसान मोर्चा पत्रकारों की सुरक्षा के मुद्दे पर उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने बताया कि इस विषय को मुख्य सचिव, पुलिस मुख्यालय और संबंधित उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा तथा पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी संस्थागत व्यवस्था की मांग की जाएगी।
पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग
उन्होंने छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, संवेदनशील मामलों की त्वरित जांच, पत्रकारों की सुरक्षा के लिए विशेष तंत्र और आवश्यक मामलों में सुरक्षा उपलब्ध कराने जैसी व्यवस्थाओं की मांग की। उनका कहना है कि केवल एफआईआर दर्ज करना या गिरफ्तारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक है।
शिवशंकर सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता पर निर्भर करती है। यदि पत्रकार सुरक्षित रहेंगे, तभी आम जनता की आवाज प्रभावी ढंग से उठ सकेगी। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की आवाज दबाने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर इस मुद्दे को जनआंदोलन का रूप भी दिया जाएगा।

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