25 साल से सेवा दे रहे पशुधन मित्रों ने उठाई नियमित मानदेय की मांग, सरकार से सामाजिक सुरक्षा और लंबित भुगतान की गुहार

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छत्तीसगढ़ पशुधन मित्र संघ ने पशु चिकित्सा सेवाओं के संचालक को सौंपा ज्ञापन, मासिक मानदेय, दुर्घटना बीमा और PAIW अनुबंध समाप्त करने सहित चार प्रमुख मांगें रखीं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ पशुधन मित्र संघ ने प्रदेश के पशुधन मित्रों (गौसेवक, प्राइवेट कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता एवं मैत्री) के लिए नियमित मासिक मानदेय और सामाजिक सुरक्षा की मांग को लेकर पशु चिकित्सा सेवाओं के संचालक को ज्ञापन सौंपा है। संघ का कहना है कि पिछले लगभग 25 वर्षों से पशुधन मित्र ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के टीकाकरण, प्राथमिक उपचार, कृत्रिम गर्भाधान, पशु संगणना और अन्य विभागीय योजनाओं का जिम्मा निभा रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें केवल कार्य आधारित और अनियमित भुगतान ही मिल रहा है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रशेखर सिंह राजपूत के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि पशुधन मित्रों ने वर्ष 1998-99 से पशुधन विकास विभाग के साथ मिलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके बावजूद उन्हें नियमित मानदेय, बीमा और अन्य सुविधाओं से वंचित रखा गया है।
संघ की प्रमुख मांगें
प्रत्येक पशुधन मित्र को हर माह निश्चित एवं सम्मानजनक मानदेय दिया जाए।
कार्य के दौरान दुर्घटना की स्थिति में दुर्घटना बीमा की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
PAIW के माध्यम से भरे गए अनुबंध पत्र को निष्प्रभावी किया जाए।
लंबित कार्याधारित मानदेय का शीघ्र भुगतान किया जाए।
संघ ने अपने ज्ञापन में कहा है कि वर्षों से विभाग के साथ सेवाएं देने वाले पशुधन मित्रों को विभागीय परिवार का हिस्सा मानते हुए उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार और पशुधन विकास विभाग जल्द सकारात्मक निर्णय लेकर हजारों पशुधन मित्रों को राहत प्रदान करेंगे।

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