बीजेभांटा हाई स्कूल में मधुमक्खियों का हमला, 72 छात्र-छात्राएं प्रभावित; स्वास्थ्य विभाग की तत्परता से टला बड़ा हादसा

addtext 07 14 07.10.13

डोंगरगांव के बीजेभांटा हाई स्कूल में मधुमक्खियों का हमला, 72 छात्र-छात्राएं प्रभावित; समय पर इलाज से सभी सुरक्षित

राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव स्थित बीजेभांटा हाई स्कूल में मधुमक्खियों के हमले से 72 छात्र-छात्राएं प्रभावित हुए। स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई से सभी बच्चों का समय पर उपचार किया गया और बड़ा हादसा टल गया।

राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विकासखंड स्थित बीजेभांटा हाई स्कूल में मंगलवार को मधुमक्खियों के अचानक हुए हमले से अफरा-तफरी मच गई। स्कूल परिसर के पीछे बने मधुमक्खियों के छत्ते से निकले झुंड ने कक्षा 10 के विद्यार्थियों पर हमला कर दिया, जिससे कुल 72 छात्र-छात्राएं प्रभावित हो गए। घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। त्वरित चिकित्सा व्यवस्था के चलते सभी बच्चों की हालत सामान्य है और बड़ा हादसा टल गया।
स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. रागिनी चंद्रे स्वयं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं और उपचार व्यवस्था की कमान संभाली। उनकी निगरानी में डॉ. धर्मेंद्र मांडवी के नेतृत्व में मेडिकल टीम तत्काल स्कूल पहुंची।
स्वास्थ्य विभाग ने 32 बच्चों का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव में किया, जबकि 40 बच्चों का इलाज स्कूल परिसर में विशेष चिकित्सा शिविर लगाकर किया गया। सभी विद्यार्थियों को आवश्यक दवाइयां और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया तथा उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखी गई।
प्रशासन भी मौके पर पहुंचा
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम अनिकेत साहू और तहसीलदार कमल किशोर साहू भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्कूल और अस्पताल का निरीक्षण कर बच्चों के उपचार की जानकारी ली तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्राचार्य ने कही यह बात
स्कूल की प्राचार्य शोभा श्रीवास्तव ने बताया कि स्कूल के पीछे मधुमक्खियों का छत्ता बना हुआ था। अचानक मधुमक्खियां कक्षा तक पहुंच गईं, जिससे बच्चे प्रभावित हो गए। उन्होंने बताया कि सभी बच्चों का समय पर उपचार कर दिया गया है और उनकी स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए स्कूल परिसर के पीछे बने मधुमक्खियों के छत्ते को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की तत्परता की सराहना
घटना के दौरान डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मियों ने तेजी से राहत एवं उपचार कार्य किया। समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से किसी भी बच्चे की स्थिति गंभीर नहीं हुई। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील कार्यशैली की सराहना की।

Advertisement
Advertisement

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top