बारिश बनी बीमारियों की वजह: राजनांदगांव में तेजी से बढ़ रहे डायरिया, वायरल और उल्टी-दस्त के मरीज, डॉक्टरों ने जारी की एडवाइजरी

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राजनांदगांव। जिले में पिछले दो से तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश अब लोगों की सेहत पर असर डालने लगी है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल सहित जिले के सरकारी और निजी स्वास्थ्य केंद्रों में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अस्पतालों की ओपीडी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे अधिक बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं, जो उल्टी, दस्त, डायरिया, वायरल बुखार, पेट दर्द और संक्रमण जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं।

लगातार बारिश से बढ़ा संक्रमण का खतरा

लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव, गंदगी और दूषित पेयजल की समस्या सामने आ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से फैलते हैं, जिससे पानी और भोजन के माध्यम से संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में डायरिया, उल्टी-दस्त और वायरल संक्रमण के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यदि समय पर उपचार न कराया जाए तो मरीजों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की स्थिति गंभीर हो सकती है।

डॉक्टरों की सलाह: सतर्क रहें, लापरवाही न करें

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से बारिश के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उनका कहना है कि केवल उबालकर या फिल्टर किया हुआ पानी ही पीना चाहिए। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ, कटे हुए फल, बासी भोजन और तला-भुना खाना खाने से बचना चाहिए। भोजन हमेशा ताजा और गर्म खाएं तथा खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोने की आदत अपनाएं।

डॉक्टरों ने बच्चों और बुजुर्गों को बारिश में भीगने से बचाने की सलाह भी दी है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होती है और संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।

लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाएं

चिकित्सकों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार उल्टी, दस्त, तेज बुखार, पेट दर्द, कमजोरी, चक्कर या शरीर में पानी की कमी के लक्षण दिखाई दें तो घरेलू उपचार पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। समय पर इलाज मिलने से गंभीर स्थिति और अस्पताल में भर्ती होने की नौबत से बचा जा सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का संदेश

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि बारिश के मौसम में डायरिया, उल्टी-दस्त और वायरल संक्रमण के मामले सामान्य रूप से बढ़ जाते हैं। ऐसे में लोगों को उबालकर या फिल्टर किया हुआ पानी पीना चाहिए, ताजा भोजन करना चाहिए और किसी भी बीमारी के शुरुआती लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर उपचार और सावधानी ही इन बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

सावधानी ही बचाव

बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी का पालन करें, घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, स्वच्छ पेयजल का उपयोग करें और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। जागरूकता और समय पर उपचार से मौसमी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

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