जहरीला पानी पीने को मजबूर बिजारी के ग्रामीण! खदान ब्लास्टिंग से भूजल दूषित होने का आरोप, पेयजल संकट गहराया

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घरघोड़ा/रायगढ़। भीषण गर्मी के बीच रायगढ़ जिले के घरघोड़ा विकासखंड के ग्राम बिजारी में पेयजल संकट गंभीर होता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में संचालित खदान में लगातार की जा रही भारी ब्लास्टिंग के कारण भूजल स्तर बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके चलते गांव के सरकारी और निजी बोरवेल या तो पूरी तरह सूख चुके हैं या उनमें से मटमैला, बदबूदार और दूषित पानी निकल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें इसी पानी का उपयोग पीने और घरेलू कार्यों के लिए करना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे लगातार बढ़ रहे हैं।

गांव में गहराया पानी का संकट

ग्रामीणों के अनुसार, पहले जिन बोरवेलों से पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी मिलता था, अब वे या तो पानी देना बंद कर चुके हैं या कुछ ही मिनटों तक पानी निकलने के बाद सूख जाते हैं। कई स्थानों पर पानी का रंग पूरी तरह बदल चुका है और उसमें मिट्टी तथा गंदगी साफ दिखाई देती है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पानी पीने योग्य नहीं है, लेकिन कोई दूसरा विकल्प उपलब्ध नहीं होने के कारण लोग मजबूरी में उसी का उपयोग कर रहे हैं।

महिलाओं और बच्चों की बढ़ी परेशानी

गांव में सबसे अधिक परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है। उन्हें सुबह और शाम कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है। कई परिवारों को पानी भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है तथा रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है।

खदान ब्लास्टिंग पर लगाए गंभीर आरोप

ग्रामीण रामेश्वर साहू ने जिला कलेक्टर रायगढ़ को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि खदान प्रबंधन द्वारा लगातार और अत्यधिक ब्लास्टिंग की जा रही है। उनका कहना है कि इसी वजह से भूजल स्तर तेजी से नीचे चला गया है, जिससे गांव की पूरी पेयजल व्यवस्था प्रभावित हो गई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सरकारी पेयजल स्रोतों के साथ-साथ निजी बोरवेल भी प्रभावित हुए हैं।

धमकाने का भी लगाया आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने खदान प्रबंधन से पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की, तो समस्या का समाधान करने के बजाय उन्हें धमकाया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गांव में तत्काल स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जाए, खदान क्षेत्र में हो रही ब्लास्टिंग की जांच कराई जाए तथा यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो आवश्यक कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो गांव में जल संकट के साथ-साथ जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।

ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों का कहना है कि उद्योगों और खदानों से बड़े स्तर पर आर्थिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, लेकिन प्रभावित गांवों को स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो वे बड़े जनआंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।

प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल पूरे मामले में जिला प्रशासन और संबंधित खदान प्रबंधन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी शिकायत पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जांच कराएगा और गांव में जल्द से जल्द स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।

(नोट: इस समाचार में लगाए गए आरोप ग्रामीणों द्वारा किए गए दावों और लिखित शिकायत पर आधारित हैं। संबंधित प्रशासन एवं खदान प्रबंधन का पक्ष प्राप्त होने पर समाचार को अद्यतन किया जाएगा।)

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