रायपुर | 29 जून 2026 | सन्सनी टाइम्स
खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों को यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने उर्वरक वितरण व्यवस्था में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार अब पात्र किसानों को खरीफ 2025 में जितनी मात्रा में यूरिया मिला था, उतनी ही मात्रा खरीफ 2026 में भी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
किसानों को समय पर मिलेगा यूरिया
सरकार का कहना है कि प्रदेश में वर्तमान में यूरिया का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। इसी को ध्यान में रखते हुए पहले लागू कुछ प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया गया है। अब किसानों को उनकी पात्रता के अनुसार यूरिया का वितरण किया जाएगा ताकि खेती के महत्वपूर्ण समय में उन्हें खाद की कमी का सामना न करना पड़े।
पर्याप्त स्टॉक होने पर एकमुश्त मिलेगा यूरिया
संशोधित व्यवस्था के अनुसार यदि संबंधित सहकारी समिति या उर्वरक वितरण केंद्र में पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध है तो पात्र किसानों को उनकी पूरी पात्रता के अनुसार एक ही बार में यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। इससे किसानों को बार-बार समिति के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी और खेती के कार्य समय पर पूरे किए जा सकेंगे।
स्टॉक कम होने पर भी मिलेगा पूरा कोटा
यदि किसी समिति में यूरिया का स्टॉक सीमित होगा, तो उपलब्ध मात्रा पहले किसानों को वितरित की जाएगी। इसके बाद जैसे ही नया स्टॉक पहुंचेगा, शेष बची हुई मात्रा उसी किसान को उपलब्ध कराई जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी किसान को उसके निर्धारित कोटे से वंचित नहीं होने देना है।
डीएपी वितरण व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह संशोधित निर्देश केवल यूरिया वितरण के लिए लागू होंगे। डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) उर्वरक की वितरण व्यवस्था पहले की तरह ही जारी रहेगी। यानी डीएपी के वितरण नियमों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
राज्य शासन ने सभी जिला कलेक्टरों, कृषि विभाग के अधिकारियों तथा सहकारी संस्थाओं को संशोधित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने पारदर्शी एवं संतुलित वितरण व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए कहा है कि किसी भी पात्र किसान को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
किसानों को होगा सीधा लाभ

सरकार का मानना है कि समय पर यूरिया उपलब्ध होने से खरीफ फसलों की बुवाई, वृद्धि और पोषण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति बेहतर ढंग से हो सकेगी। इससे खेती की उत्पादकता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी और उर्वरक संकट जैसी स्थिति से बचाव होगा।
मुख्य बातें (Highlights)
- खरीफ 2025 जितनी मात्रा में ही किसानों को खरीफ 2026 में मिलेगा यूरिया।
- यूरिया वितरण पर पहले लागू कुछ प्रतिबंध हटाए गए।
- पर्याप्त स्टॉक होने पर किसानों को एकमुश्त मिलेगा पूरा कोटा।
- स्टॉक कम होने पर पहले उपलब्ध मात्रा, बाकी स्टॉक आने पर दी जाएगी।
- डीएपी वितरण व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं।
- जिला कलेक्टरों, कृषि अधिकारियों और सहकारी समितियों को नए निर्देश लागू करने के आदेश।
- सरकार का लक्ष्य किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराकर खरीफ खेती को सुचारु बनाना।

🖋️ शशिकांत “सनसनी” देवांगन (शशि कुमार देवांगन)
👨👦 पिता: स्वर्गीय गिरधारी प्रसाद देवांगन
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📰 वर्ष 2010 से पत्रकारिता जगत में सक्रिय शशिकांत “सनसनी” देवांगन ने अपनी पहचान निर्भीक, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता से बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समय दर्शन दैनिक अख़बार से राजनांदगांव जिला ब्यूरो चीफ के रूप में की। वर्ष 2012 में राजनांदगांव पत्रिका दैनिक से जुड़ने के बाद उन्हें “शशिकांत सनसनी” नाम से विशेष पहचान मिली।
🎙️ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में Swaraj Express, Lalluram.com, Anadi News, Sudarshan News, वंदे भारत न्यूज़ तथा AB News में स्पेशल रिपोर्टर और स्टेट हेड, Chhattisgarh के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।
📺 वर्तमान में वे “सनसनी टाइम्स” YouTube चैनल एवं 🌐 SansaniTimes.in पोर्टल के संपादक के रूप में सक्रिय हैं।
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