प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर वसूली का आरोप: 90 परिवारों से एक-एक हजार रुपये लेने की शिकायत, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की निष्पक्ष जांच की मांग

addtext 06 30 05.38.05

राजनांदगांव। जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोठीटोला के आश्रित ग्राम नवागांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत से जुड़े कर्मचारियों ने आवास योजना में नाम शामिल कराने और फाइल तैयार करने के नाम पर प्रत्येक पात्र हितग्राही से एक-एक हजार रुपये लिए। इसके बावजूद ग्रामसभा में जारी अंतिम सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया गया।

इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

90 परिवारों से कथित रूप से लिए गए एक-एक हजार रुपये

ग्रामीणों के अनुसार ग्राम नवागांव के लगभग 90 पात्र परिवारों से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर एक-एक हजार रुपये की राशि ली गई। शिकायत में रोजगार सहायक दिलीप चौधरी, इंजीनियर प्रदीप खरे तथा कोटवार सरकाश लाउने पर वसूली के आरोप लगाए गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित कर्मचारियों ने घर-घर जाकर हितग्राहियों का सत्यापन किया, उनके मकानों की तस्वीरें लीं और भरोसा दिलाया कि उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में शामिल हो चुका है।

ग्रामसभा में सूची आई तो नहीं मिला नाम

ग्रामीणों का आरोप है कि 24 जून को आयोजित ग्रामसभा में जब प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्र हितग्राहियों की सूची का वाचन किया गया, तब जिन 90 परिवारों से कथित रूप से राशि ली गई थी, उनमें से किसी का भी नाम सूची में नहीं था।

सूची से नाम गायब होने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। उनका कहना है कि उनसे आर्थिक राशि लेने के बावजूद योजना का लाभ नहीं मिला।

कलेक्टर से की कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही कथित रूप से वसूली गई राशि की जांच कर उसे वापस दिलाने तथा सभी 90 पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में शामिल करने की मांग भी की गई है।

इसके अलावा ग्रामीणों ने रोजगार सहायक और पंचायत सचिव को उनके पद से हटाने की मांग भी उठाई है।

सात दिन का अल्टीमेटम

ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे जिला मुख्यालय पहुंचकर भूख हड़ताल करेंगे।

प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल यह सभी आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं। इस मामले में जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।

Sansani Times इस मामले में प्रशासन का पक्ष उपलब्ध होने पर खबर को अपडेट करेगा।

Advertisement
Advertisement

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top