शिक्षा के मंदिर में नशे का साया! कॉलेज परिसर में बिखरी मिलीं शराब की बोतलें, जांच की मांग तेज
रायगढ़। शहर के प्रमुख डिग्री कॉलेज परिसर में बड़ी संख्या में शराब की खाली बोतलें मिलने का मामला सामने आने के बाद छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। शिक्षा और अनुशासन का केंद्र माने जाने वाले कॉलेज परिसर में इस तरह की सामग्री मिलने से सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों और छात्रों के अनुसार कॉलेज कैंपस के विभिन्न सुनसान और कम आवाजाही वाले हिस्सों में कई ब्रांडेड शराब की खाली बोतलें बिखरी हुई मिलीं। घटना की जानकारी फैलते ही कॉलेज परिसर में चर्चा का माहौल बन गया और छात्रों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
कॉलेज परिसर में सुरक्षा गार्डों की तैनाती और नियमित निगरानी व्यवस्था होने के बावजूद इतनी संख्या में शराब की बोतलों का मिलना कई सवाल पैदा कर रहा है। छात्रों का कहना है कि यदि परिसर में नियमित निगरानी हो रही है तो फिर ऐसी गतिविधियां कैसे संचालित हो रही हैं।
स्थानीय लोगों का भी मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों में इस प्रकार की घटनाएं न केवल अनुशासन को प्रभावित करती हैं बल्कि छात्रों के भविष्य और मानसिक वातावरण पर भी नकारात्मक असर डालती हैं।
बाहरी तत्व या अंदरूनी मिलीभगत?
मामले में सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि शराब की बोतलें कॉलेज परिसर तक पहुंचीं कैसे। लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि कहीं इसमें बाहरी असामाजिक तत्वों की भूमिका तो नहीं है। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि बिना किसी अंदरूनी जानकारी या लापरवाही के ऐसी गतिविधियों का लंबे समय तक जारी रहना संभव नहीं है।
हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
छात्रों और अभिभावकों में चिंता
घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों ने कॉलेज प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि कॉलेज शिक्षा का केंद्र है और यहां किसी भी प्रकार की नशे से जुड़ी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
अभिभावकों ने मांग की है कि कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए तथा नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सीसीटीवी फुटेज जांच की मांग
स्थानीय नागरिकों और छात्र संगठनों ने कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते फुटेज की जांच की जाए तो दोषियों की पहचान संभव हो सकती है।
लोगों का यह भी कहना है कि यदि किसी कर्मचारी, छात्र या बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
देशभर में बढ़ रही ऐसी घटनाएं
शिक्षण संस्थानों के आसपास नशे और शराब सेवन से जुड़े मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को मजबूत किया है तथा परिसर में प्रवेश और गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण लागू किया है।
प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें
फिलहाल पूरे मामले में कॉलेज प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस घटना को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।
प्रमुख सवाल
🔹 कॉलेज परिसर में शराब की बोतलें पहुंची कैसे?
🔹 क्या इसमें बाहरी लोगों की भूमिका है?
🔹 सुरक्षा कर्मियों की निगरानी पर सवाल क्यों उठ रहे हैं?
🔹 क्या कॉलेज प्रशासन निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा?
🔹 क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाएंगे?
(Sansani Times Bureau | Raigarh)




🖋️ शशिकांत “सनसनी” देवांगन (शशि कुमार देवांगन)
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