76 करोड़ की फर्जी बिलिंग का भंडाफोड़: राजनांदगांव के कारोबारी गिरफ्तार, 8.22 करोड़ की संदिग्ध ITC का खुलासा

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स्टेट GST की बड़ी कार्रवाई, पश्चिम बंगाल की संदिग्ध फर्मों से जुड़े मिले तार, फर्जी ITC नेटवर्क की जांच तेज

रायपुर/राजनांदगांव, 24 जून 2026। छत्तीसगढ़ राज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी) ने कर चोरी और फर्जी बिलिंग के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए राजनांदगांव स्थित एक कारोबारी को गिरफ्तार किया है। विभागीय जांच में लगभग 76 करोड़ रुपये की फर्जी बिल ट्रेडिंग और 8.22 करोड़ रुपये की संदिग्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का मामला सामने आया है।

गिरफ्तार कारोबारी की पहचान मैसर्स आदेश्वर ट्रेड लिंक के संचालक आदेश्वर चौरड़िया के रूप में हुई है। विभाग का आरोप है कि फर्म द्वारा करोड़ों रुपये के लेन-देन केवल कागजों में दर्शाकर फर्जी ITC का लाभ लिया गया और सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।

छह महीने में 76 करोड़ का कागजी कारोबार

राज्य कर विभाग के अधिकारियों के अनुसार जांच में यह पाया गया कि पिछले लगभग छह महीनों के दौरान फर्म ने करीब 76 करोड़ रुपये के व्यापारिक लेन-देन दर्शाए थे। हालांकि दस्तावेजों, जीएसटी रिटर्न और अन्य रिकॉर्ड के विश्लेषण में अधिकांश कारोबार संदिग्ध पाया गया।

जांच के दौरान सामने आया कि फर्म द्वारा दर्शाई गई कई खरीद-फरोख्त केवल कागजों में की गई थीं और उनके समर्थन में वास्तविक व्यापारिक गतिविधियों के पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं थे।

8.22 करोड़ रुपये की संदिग्ध ITC पर विभाग की नजर

विभागीय जांच में करीब 8.22 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) संदिग्ध पाई गई। अधिकारियों का मानना है कि इस ITC का उपयोग कर देनदारी कम करने और अन्य करदाताओं को भी अनुचित कर लाभ पहुंचाने के लिए किया गया।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि इस फर्जी ITC को अन्य फर्मों तक स्थानांतरित करने का प्रयास किया गया, जिससे पूरे नेटवर्क की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है।

पश्चिम बंगाल की संदिग्ध फर्मों से खरीदी दिखाने का आरोप

जांच रिपोर्ट के अनुसार आदेश्वर ट्रेड लिंक ने पश्चिम बंगाल स्थित कई संदिग्ध फर्मों से आयरन एवं स्टील की खरीद दर्शाई थी। हालांकि विभाग को ऐसी किसी वास्तविक खरीद या माल की आपूर्ति के विश्वसनीय प्रमाण नहीं मिले।

अधिकारियों का कहना है कि करोड़ों रुपये के खरीदी बिल केवल ITC लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से जारी किए गए प्रतीत होते हैं। जांच में यह भी पाया गया कि जिन फर्मों से खरीद दिखाई गई थी उनमें से अधिकांश का जीएसटी पंजीकरण पहले ही निरस्त किया जा चुका था।

फर्जी बिल जारी करने वाला नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका

राज्य कर विभाग का दावा है कि जांच के दौरान कई ऐसी फर्मों की जानकारी मिली है जो केवल फर्जी बिल जारी करने और अवैध ITC उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही थीं।

अधिकारियों के मुताबिक प्रथम दृष्टया मामला एक संगठित “बोगस ITC और पेपर ट्रेडिंग नेटवर्क” का प्रतीत होता है, जिसमें वास्तविक माल का आवागमन किए बिना केवल दस्तावेजों के माध्यम से कर लाभ प्राप्त किया जा रहा था।

माल की वास्तविक आवाजाही नहीं होने के संकेत

विभाग को जांच के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं कि जिन लेन-देन को रिकॉर्ड में दर्शाया गया, उनमें वास्तविक माल की ढुलाई नहीं हुई। ई-वे बिल, परिवहन दस्तावेज और अन्य अभिलेखों की जांच में कई विसंगतियां सामने आई हैं।

यही कारण है कि विभाग अब परिवहन कंपनियों, बैंक खातों और संबंधित व्यापारिक इकाइयों की भूमिका की भी विस्तृत जांच कर रहा है।

पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर हुई गिरफ्तारी

मामले में पर्याप्त दस्तावेजी और तकनीकी साक्ष्य मिलने के बाद राज्य कर विभाग ने आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार कर लिया है। विभाग का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों और फर्मों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

विभाग का सख्त संदेश

राज्य कर विभाग ने स्पष्ट किया है कि ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा और कर व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए फर्जी बिलिंग तथा बोगस ITC जैसे मामलों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी निगरानी, डेटा एनालिटिक्स और दस्तावेजों के गहन परीक्षण के माध्यम से ऐसे नेटवर्क की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

Sansani Times Analysis

विशेषज्ञों का मानना है कि GST व्यवस्था में फर्जी ITC और पेपर ट्रेडिंग देशभर में राजस्व हानि का बड़ा कारण बन रही है। राजनांदगांव में सामने आया यह मामला दर्शाता है कि कर चोरी के लिए फर्जी बिलिंग नेटवर्क किस तरह विभिन्न राज्यों की फर्मों का उपयोग कर रहे हैं। यदि जांच में और कड़ियां सामने आती हैं तो यह प्रदेश के हालिया वर्षों के बड़े GST घोटालों में से एक साबित हो सकता है।

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