खेल का गौरव बना गंदगी का गढ़, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल

addtext 06 25 01.13.29

दल्ली राजहरा। कभी खिलाड़ियों के उत्साह, संघर्ष और उपलब्धियों का प्रतीक रहा पी. जवाहर लाल नेहरू फुटबॉल स्टेडियम आज अपनी बदहाली और अव्यवस्था के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। खेल प्रतिभाओं को मंच देने वाला यह मैदान अब गंदगी, जलभराव और दुर्गंध की समस्या से जूझ रहा है, जिससे खिलाड़ियों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मैदान के आसपास फैली गंदगी, नालियों में भरा दूषित पानी

स्थानीय लोगों के अनुसार स्टेडियम परिसर और उसके आसपास बड़ी मात्रा में कचरा जमा है। वहीं आसपास की बस्तियों का दूषित पानी मैदान से लगी नालियों में भर रहा है, जिससे न केवल दुर्गंध फैल रही है बल्कि पूरे क्षेत्र का वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है। लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

खिलाड़ियों के स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा

खेल मैदान का उपयोग प्रतिदिन बड़ी संख्या में खिलाड़ी अभ्यास के लिए करते हैं। लेकिन मैदान के आसपास फैली गंदगी और नालियों में जमा पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

खिलाड़ियों का कहना है कि खेल गतिविधियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण आवश्यक होता है, लेकिन वर्तमान हालात में अभ्यास करना भी चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है। कई खिलाड़ियों और अभिभावकों ने मैदान की सफाई और नियमित रखरखाव की मांग की है।

विकास के दावों पर उठ रहे सवाल

एक ओर खेल सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर जिले के प्रमुख खेल मैदान की यह स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित विभागों और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई, जल निकासी और रखरखाव की उचित व्यवस्था नहीं की गई तो यह मैदान खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनने के बजाय बीमारियों और अव्यवस्था का प्रतीक बन जाएगा।

नागरिकों में बढ़ रहा आक्रोश

स्टेडियम की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि खेल मैदान केवल खिलाड़ियों की संपत्ति नहीं बल्कि पूरे शहर की पहचान होते हैं। ऐसे में उनकी देखभाल और स्वच्छता सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

जल्द कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि मैदान के आसपास जमा कचरे की तत्काल सफाई कराई जाए, नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए तथा जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। साथ ही मैदान के रखरखाव के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए।

बड़ा सवाल

क्या जिले के प्रमुख खेल मैदान को गंदगी और अव्यवस्था से मुक्त कर खिलाड़ियों को सुरक्षित वातावरण मिल पाएगा, या फिर जिम्मेदार विभागों की अनदेखी के कारण खेल का यह गौरवशाली केंद्र बदहाली का शिकार बना रहेगा?

— Sansani Times News Desk

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