राजनांदगांव पुलिस की ‘पहल’ बनी जनविश्वास की मिसाल: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया रीडिंग रूम और लाइब्रेरी का लोकार्पण

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107 सरपंच, 164 अपराध मुक्त ग्रामों के प्रतिनिधि और कोटवार हुए सम्मानित, प्रतियोगी छात्रों को वितरित की गई पुस्तकें

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सोमवार को एक दिवसीय प्रवास पर राजनांदगांव पहुंचे, जहां उन्होंने राजनांदगांव पुलिस द्वारा आयोजित अभिनव जनसहभागिता कार्यक्रम “पहल – विश्वास, संवाद और समाधान” में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। कार्यक्रम का आयोजन पुलिस लाइन परिसर में किया गया, जहां डॉ. सिंह ने आधुनिक रीडिंग रूम एवं लाइब्रेरी का लोकार्पण कर युवाओं को शिक्षा और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के प्रति प्रेरित किया।

कार्यक्रम में सामाजिक समरसता, अपराध नियंत्रण और पुलिस-जन सहयोग को मजबूत बनाने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 107 सरपंचों, 164 अपराध मुक्त ग्रामों के प्रतिनिधियों, बड़ी संख्या में कोटवारों तथा राजनांदगांव पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया गया। वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को उपयोगी पुस्तकें भी वितरित की गईं।

पौधा भेंट कर किया गया अतिथियों का स्वागत

कार्यक्रम में पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित अन्य अतिथियों का स्वागत आईजी बालाजी राव एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा पौधा भेंट कर किया गया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिनिधियों ने भी पौधारोपण किया।

पुलिस और जनता के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बन रही है ‘पहल’

राजनांदगांव पुलिस द्वारा शुरू किया गया “पहल” कार्यक्रम प्रदेश में अपनी तरह की एक अनूठी पहल माना जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास बढ़ाना, संवाद स्थापित करना तथा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं को भी प्रस्तुत किया गया। डिजिटल युग में बच्चों और युवाओं को बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने, उन्हें सकारात्मक दिशा देने और करियर निर्माण में सहयोग करने के उद्देश्य से लाइब्रेरी, रीडिंग रूम और कोचिंग सुविधाओं को बढ़ावा देने की जानकारी दी गई।

अपराध मुक्त गांवों के प्रतिनिधियों का सम्मान

कार्यक्रम में अपराध मुक्त घोषित 164 गांवों के प्रतिनिधियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इन गांवों के दूतों ने पौधारोपण कर सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का संदेश दिया। इसके साथ ही एक हजार यातायात मित्रों द्वारा सड़क सुरक्षा के प्रति संकल्प लिया गया।

वर्ष 2025 में विभिन्न परिस्थितियों में लोगों की जान बचाने वाले जागरूक नागरिकों को भी सम्मानित किया गया। वहीं डोंगरगढ़ मेले और होली पर्व के दौरान उत्कृष्ट कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को भी प्रशस्ति देकर सम्मानित किया गया।

कोटवारों की भूमिका सराहनीय: डॉ. रमन सिंह

अपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि “पहल” कार्यक्रम पुलिस और समाज के बीच सीधे जुड़ाव का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव पुलिस ने पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।

उन्होंने कहा कि 164 गांवों का अपराध मुक्त होना एक बड़ी उपलब्धि है और आने वाले समय में इस संख्या को और बढ़ाने की आवश्यकता है। डॉ. सिंह ने कोटवारों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सदियों से गांवों की सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक समन्वय में कोटवारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ चल रही मुहिम में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सुरक्षा बलों के योगदान की भी प्रशंसा की तथा कहा कि समाज और पुलिस की साझेदारी से ही स्थायी शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में सांसद संतोष पांडेय, महापौर मधुसूदन यादव, एबीस कंपनी के डायरेक्टर बहादुर अली, आईजी बालाजी राव, पुलिस अधीक्षक सहित जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, हजारों कोटवार, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

जनभागीदारी और विश्वास का नया मॉडल

राजनांदगांव पुलिस की “पहल” अब केवल एक कार्यक्रम नहीं रह गई है, बल्कि यह पुलिस और समाज के बीच मजबूत साझेदारी, विश्वास और सहयोग का व्यापक अभियान बनती दिखाई दे रही है। शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, अपराध नियंत्रण और जनसहभागिता को साथ लेकर चलने वाला यह मॉडल प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।

Sansani Times News Desk राजनांदगांव | छत्तीसगढ़

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