राजनांदगांव में ठेकेदारी की ‘गुंडागर्दी’: 11KV लाइन की चपेट में आया मजदूर, सुरक्षा नियमों की अनदेखी ने ली जानलेवा शक्ल

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निर्माण स्थल बना मौत का जाल, करंट से झुलसे मजदूर की हालत गंभीर

राजनांदगांव। शहर के बसंतपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने निर्माण कार्यों में बरती जा रही भारी लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता की पोल खोल दी। शासकीय हाथी थान स्कूल के पास सारथी पारा जाने वाली गली में निर्माणाधीन तीन मंजिला मकान में काम कर रहे एक मजदूर को 11KV हाईटेंशन बिजली लाइन ने अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में 40 वर्षीय मजदूर विकास देवांगन, निवासी बाबूटोला, गंभीर रूप से झुलस गया। उसकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करंट का झटका इतना तेज था कि युवक छज्जे पर ही बेसुध होकर गिर पड़ा और काफी देर तक तड़पता रहा। आरोप है कि मौके पर मौजूद ठेकेदार और निर्माण प्रबंधन ने घायल मजदूर को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की। बाद में राहगीरों की सूचना पर बसंतपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को जिला अस्पताल भिजवाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे रायपुर रेफर कर दिया गया।


लोहे के रॉड ने बनाया “डेथ ट्रैप”, सुरक्षा इंतजाम पूरी तरह गायब

मजदूरों और स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि मकान निर्माण में लकड़ी के सुरक्षित मचान की जगह बड़े पैमाने पर लोहे के पाइप और रॉड का उपयोग किया जा रहा था, जबकि निर्माण स्थल के बेहद करीब 11KV हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के समय विकास देवांगन छज्जे पर पलस्तर का काम कर रहा था। इसी दौरान लोहे का रॉड हाईटेंशन तार से छू गया और तेज करंट पूरे शरीर में दौड़ गया।

स्थानीय मजदूरों का आरोप है कि:

“ठेकेदार इज़ाफ़ा दरगाह वाला और सुपरवाइजर राकेश साहू ने सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए थे। न सुरक्षा जाल लगाया गया था, न इंसुलेशन और न ही बिजली विभाग से कोई अनुमति ली गई थी।”

भारतीय विद्युत नियमों और भवन निर्माण सुरक्षा मानकों के अनुसार हाईटेंशन लाइन के आसपास निर्माण कार्य के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था, इंसुलेशन और गैर-चालक सामग्री का उपयोग अनिवार्य होता है। लेकिन यहां नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई।


सड़क पर कब्जा कर छह महीने से चल रहा निर्माण

मोहल्लेवासियों ने निर्माण कार्य को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मकान मालिक और ठेकेदार ने रसूख के दम पर सार्वजनिक रास्ते पर कब्जा कर लिया है।

आरोपों के अनुसार:

  • सारथी पारा जाने वाली आम गली को लोहे के शेड लगाकर बंद कर दिया गया।
  • पिछले छह महीनों से स्थानीय लोगों का आवागमन प्रभावित है।
  • निर्माण स्थल के बिल्कुल पास ट्रांसफार्मर और बिजली पोल होने के बावजूद सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया।
  • नगर निगम और बिजली विभाग की अनुमति के बिना निर्माण कार्य जारी रखा गया।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते यह बड़ा हादसा हुआ।


करंट से दाहिना हाथ सुन्न, परिवार सदमे में

डॉक्टरों के अनुसार विकास देवांगन की पीठ, हाथ और पैर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। गहरे करंट शॉक के कारण उसका दाहिना हाथ काम करना बंद कर चुका है। हालत गंभीर होने के कारण उसे रायपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घायल मजदूर के परिवार में पत्नी और छोटे बच्चे हैं। हादसे के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार अब कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है।


पुलिस केस के डर से घायल को निजी अस्पताल ले गया ठेकेदार?

सूत्रों के मुताबिक हादसे के बाद सुपरवाइजर राकेश साहू और ठेकेदार इज़ाफ़ा दरगाह वाला में हड़कंप मच गया। पुलिस कार्रवाई और FIR के डर से घायल मजदूर को जल्दबाजी में रायपुर के निजी अस्पताल ले जाया गया।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय पर सुरक्षा उपाय किए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था।


प्रशासन पर उठे सवाल, FIR की मांग तेज

घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और मजदूर संगठनों में भारी आक्रोश है। लोगों ने मांग की है कि:

  • ठेकेदार, सुपरवाइजर और मकान मालिक के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए।
  • IPC की धारा 287 और 338 के तहत कार्रवाई हो।
  • निर्माण स्थल को तत्काल सील किया जाए।
  • सड़क से अवैध कब्जा हटाया जाए।
  • पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता दी जाए।

बड़ा सवाल: आखिर कब जागेगा प्रशासन?

राजनांदगांव में लगातार बढ़ते अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों की अनदेखी अब लोगों की जान पर भारी पड़ने लगी है। सवाल यह है कि जब हाईटेंशन लाइन के नीचे खुलेआम निर्माण चल रहा था, तब नगर निगम, श्रम विभाग और बिजली विभाग क्या कर रहे थे?

यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद विकास देवांगन आज जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष नहीं कर रहा होता।


Sansani Times Appeal

यदि आपके आसपास भी बिजली लाइन के पास असुरक्षित निर्माण कार्य चल रहा है, तो तुरंत प्रशासन और बिजली विभाग को सूचना दें। एक छोटी लापरवाही किसी की जिंदगी छीन सकती है।

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