डोंगरगढ़ में अवैध शराब का बड़ा खेल उजागर

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सनसनी टाइम्स | विशेष रिपोर्ट

कलवारी के बाद अब कतली और मुसरा में मिली 27 पेटी अवैध शराब, खाली बोतल-ढक्कन भी जब्त

आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

राजनांदगांव/डोंगरगढ़।
डोंगरगढ़ क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार को लेकर एक बार फिर बड़ा खुलासा सामने आया है। लगातार मिल रही शिकायतों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्टरों के बीच आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डोंगरगढ़ के कतली और मुसरा क्षेत्र से लगभग 27 पेटी मध्य प्रदेश निर्मित अवैध शराब जब्त की है। इसके साथ ही मौके से बड़ी मात्रा में खाली बोतलें, ढक्कन और शराब निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री भी बरामद की गई है।

इस कार्रवाई ने यह साफ संकेत दे दिया है कि डोंगरगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध शराब बनाने, मिलावट करने और खुलेआम बेचने का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी गतिविधियों के बावजूद स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही थी।


वायरल पोस्टर के बाद भी नहीं जागा पुलिस विभाग

कुछ दिन पहले सोशल Media पर एक पोस्टर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें डोंगरगढ़ क्षेत्र में अवैध शराब बेचने वाले कथित लोगों के नाम खुलेआम लिखे गए थे। इस पोस्टर ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी थी। हालांकि पुलिस विभाग ने तत्काल इसका खंडन करते हुए इसे भ्रामक बताया और पिछले एक महीने में की गई कार्रवाई का ब्यौरा जारी कर अपनी सक्रियता दिखाने का प्रयास किया।

लेकिन अब आबकारी विभाग की ताजा कार्रवाई ने पुलिस के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि क्षेत्र में सब कुछ नियंत्रण में था, तो फिर इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब और निर्माण सामग्री कैसे बरामद हुई?


कतली और मुसरा बने अवैध कारोबार के नए अड्डे

जानकारी के अनुसार, डोंगरगढ़ के कतली और मुसरा क्षेत्र में लंबे समय से बाहरी राज्यों विशेषकर मध्य प्रदेश से शराब लाकर स्थानीय स्तर पर उसकी पैकिंग, मिलावट और अवैध बिक्री की जा रही थी। आबकारी विभाग की छापेमार कार्रवाई में 27 पेटी शराब के साथ भारी मात्रा में खाली बोतलें और ढक्कन मिलने से यह स्पष्ट हो गया है कि यहां सिर्फ तस्करी ही नहीं बल्कि नकली और मिलावटी शराब तैयार करने का भी संगठित खेल चल रहा था।

सूत्रों की मानें तो यह नेटवर्क काफी समय से सक्रिय था और इसमें कई स्थानीय सप्लायर, कोचिये और प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।


पुरानी कार्रवाई के मुख्य आरोपी अब तक फरार

यह पहली बार नहीं है जब डोंगरगढ़ क्षेत्र में इस तरह का मामला सामने आया हो। इससे पहले भी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब भरने और अवैध निर्माण करने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। उस समय भी भारी मात्रा में शराब, बोतलें और अन्य सामग्री बरामद हुई थी।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि उस मामले के मुख्य आरोपी आज तक पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।
आरोपियों की गिरफ्तारी न होना कहीं न कहीं पुलिस की कार्यशैली पर संदेह पैदा करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कड़ी कार्रवाई की जाती, तो आज फिर इस तरह का मामला सामने नहीं आता।


क्या कोचियों को मिला हुआ है पुलिस संरक्षण?

डोंगरगढ़ में जिस तरह से लगातार अवैध शराब बनाने, बेचने और मिलावट का कारोबार सामने आ रहा है, उससे यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या इस पूरे नेटवर्क को पुलिस विभाग के कुछ लोगों का संरक्षण प्राप्त है?

क्षेत्रीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि बिना स्थानीय संरक्षण के इतना बड़ा अवैध कारोबार लंबे समय तक संचालित होना संभव नहीं है। यदि पुलिस वास्तव में गंभीर होती, तो बार-बार ऐसी घटनाएं सामने नहीं आतीं।

लोगों का आरोप है कि छोटे स्तर पर कार्रवाई दिखाकर बड़ी मछलियों को बचाया जा रहा है, जबकि असली सरगना अब भी कानून की पकड़ से दूर हैं।


डोंगरगढ़ बना अवैध कारोबार का हॉटस्पॉट

धार्मिक नगरी के रूप में पहचान रखने वाला डोंगरगढ़ अब अवैध शराब, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों का हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। लगातार सामने आ रही घटनाएं प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले समय में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है, जिसका सीधा असर युवाओं और समाज पर पड़ेगा।


प्रशासन से बड़ी कार्रवाई की मांग

अब जनता की मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। सिर्फ शराब जब्ती तक सीमित रहने के बजाय इस नेटवर्क से जुड़े मुख्य सरगनाओं, सप्लायर्स और संरक्षण देने वालों की पहचान कर कठोर कार्रवाई की जाए।

लोग चाहते हैं कि पुलिस और आबकारी विभाग मिलकर स्थायी समाधान निकालें, ताकि डोंगरगढ़ को अवैध कारोबार के इस जाल से बाहर निकाला जा सके।


सनसनी टाइम्स की नजर बनी रहेगी…

सच सामने आएगा, जिम्मेदारों का पर्दाफाश होगा।

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