बालोद | SANSANI TIMES
बालोद जिला इस समय शिक्षा के गंभीर संकट से गुजर रहा है। हाल ही में जारी 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों ने जिले की शिक्षा व्यवस्था की कमजोर स्थिति को उजागर कर दिया है। यह केवल खराब परिणाम नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता को दिखाता है।
बोर्ड परीक्षा के चौंकाने वाले आंकड़े
जिले के परीक्षा परिणाम चिंता बढ़ाने वाले हैं—
कक्षा 10वीं
- कुल छात्र: 10,426
- पास: 6,867
- फेल: 2,520
कक्षा 12वीं
- कुल छात्र: 8,745
- पास: 6,800
- फेल: 819
सबसे बड़ी बात यह है कि इस बार जिला टॉप-10 सूची से पूरी तरह बाहर रहा, जो शिक्षा स्तर में गिरावट का साफ संकेत है।
सिस्टम पर उठ रहे सवाल
इन आंकड़ों के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर गलती कहां हुई?
क्या छात्र पढ़ाई में कमजोर हो गए हैं, या फिर उन्हें सही मार्गदर्शन नहीं मिला?
जमीनी स्तर पर देखें तो स्कूलों की मॉनिटरिंग, शिक्षकों का मार्गदर्शन और विभागीय निगरानी में कमी साफ नजर आती है।
शिक्षा विभाग की भूमिका संदिग्ध
जिला शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
पूरे साल पढ़ाई की निगरानी करने की बजाय अधिकारी मीटिंग, कार्यक्रम और औपचारिक कार्यों में व्यस्त रहे।
परीक्षा के समय भी कोई ठोस तैयारी या रणनीति सामने नहीं आई।
ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी अपनी भूमिका सही तरीके से निभा रहे हैं?
छात्रों के भविष्य पर असर
इस खराब परिणाम का सबसे बड़ा असर छात्रों पर पड़ा है।
हजारों छात्र फेल हुए हैं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हुआ है।
जिन छात्रों ने मेहनत की, उन्हें सही मार्गदर्शन और सहयोग नहीं मिल पाया।
यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
बालोद बन रहा “फेलियर जिला”?
एक समय शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाला बालोद जिला अब गिरते स्तर की वजह से पीछे होता जा रहा है।
यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो यह जिला “फेलियर” की श्रेणी में आ सकता है।
क्या हो आगे का रास्ता?
स्थिति सुधारने के लिए जरूरी है कि—
- शिक्षा विभाग की जवाबदेही तय की जाए
- स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग हो
- कमजोर छात्रों के लिए विशेष कक्षाएं चलाई जाएं
- शिक्षकों और अधिकारियों की जिम्मेदारी स्पष्ट हो
निष्कर्ष
बालोद की शिक्षा व्यवस्था आज एक गंभीर मोड़ पर खड़ी है।
जरूरत है ठोस कदम उठाने की, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
अगर अभी सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में स्थिति और खराब हो सकती है।

🖋️ शशिकांत “सनसनी” देवांगन (शशि कुमार देवांगन)
👨👦 पिता: स्वर्गीय गिरधारी प्रसाद देवांगन
📍 पता: राजीव नगर, वार्ड नं. 42, बसंतपुर, राजनांदगांव, Chhattisgarh – 491441
📞 मोबाइल: 9406138940
📰 वर्ष 2010 से पत्रकारिता जगत में सक्रिय शशिकांत “सनसनी” देवांगन ने अपनी पहचान निर्भीक, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता से बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समय दर्शन दैनिक अख़बार से राजनांदगांव जिला ब्यूरो चीफ के रूप में की। वर्ष 2012 में राजनांदगांव पत्रिका दैनिक से जुड़ने के बाद उन्हें “शशिकांत सनसनी” नाम से विशेष पहचान मिली।
🎙️ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में Swaraj Express, Lalluram.com, Anadi News, Sudarshan News, वंदे भारत न्यूज़ तथा AB News में स्पेशल रिपोर्टर और स्टेट हेड, Chhattisgarh के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।
📺 वर्तमान में वे “सनसनी टाइम्स” YouTube चैनल एवं 🌐 SansaniTimes.in पोर्टल के संपादक के रूप में सक्रिय हैं।
✨ पहचान — बेबाक, तेज़ और सच को जनता तक पहुँचाने वाली पत्रकारिता।



