
सितंबर 2024 की पैकेजिंग वाली पानी की बोतलें अक्टूबर 2026 में बांटने का दावा, PHE की कार्यप्रणाली पर भाजपा नेताओं ने उठाए सवाल
बालोद -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बालोद में आयोजित सेवा ज्योति यात्रा कार्यक्रम में वितरित पानी की बोतलों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम में बांटी गई कुछ पानी की बोतलों पर सितंबर 2024 की पैकेजिंग तारीख अंकित होने का दावा किया गया है, जबकि इनका वितरण 7 अक्टूबर 2026 को आयोजित कार्यक्रम में किए जाने की बात सामने आई है। पुरानी पैकेजिंग तारीख देखकर भाजपा नेताओं ने ही पानी की गुणवत्ता और सप्लाई व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए।
सरदार पटेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा नेता, कार्यकर्ता और आम नागरिक मौजूद थे। इसी दौरान पानी की बोतलों की पैकेजिंग तारीख पर कुछ नेताओं का ध्यान गया। इसके बाद मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई और PHE विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।
दो साल पुरानी पैकेजिंग, आखिर किसने की जांच?
भाजयुमो जिलाध्यक्ष गुलशन साहू, भाजपा नेता विनोद (मोनू) जैन, सौरभ जैन, अभिन्न यादव सहित अन्य नेताओं ने मामले को गंभीर बताते हुए सवाल उठाए। नेताओं का कहना है कि लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। ऐसे में किसी बड़े सार्वजनिक आयोजन में पानी की बोतलों की सप्लाई से पहले उनकी पैकेजिंग डेट, ‘Best Before’ अवधि और गुणवत्ता की जांच की जानी चाहिए थी।
भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि बोतलों पर सितंबर 2024 की पैकेजिंग तारीख दर्ज है, तो अक्टूबर 2026 में आयोजित कार्यक्रम में इन्हें वितरण के लिए कैसे स्वीकार किया गया? क्या सप्लाई से पहले बोतलों के बैच और वैधता अवधि की जांच की गई थी?
पैकेजिंग तारीख और एक्सपायरी में अंतर, फिर भी जांच जरूरी
हालांकि यहां एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि केवल पैकेजिंग तारीख पुरानी होना अपने आप में पानी के एक्सपायर होने का प्रमाण नहीं है। बोतल पर निर्माता द्वारा दर्ज ‘Best Before’ अथवा निर्धारित उपयोग अवधि ही इसकी वास्तविक वैधता के आकलन का आधार होगी।
यही वजह है कि पूरे मामले में संबंधित बोतलों की लेबलिंग, बैच नंबर, निर्माता की जानकारी, Best Before अवधि और सप्लाई रिकॉर्ड की जांच बेहद जरूरी हो जाती है। यदि जांच में निर्धारित उपयोग अवधि समाप्त होने के बाद पानी वितरित किए जाने की पुष्टि होती है, तो मामला महज लापरवाही नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय बन सकता है।
हजारों लोगों की मौजूदगी में हुआ आयोजन
सरदार पटेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन सुना गया और वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया गया। दीप प्रज्ज्वलन के बाद सेवा ज्योति यात्रा रवाना हुई।
फूलों से सजे वाहन में प्रतीकात्मक मशाल के साथ निकली यात्रा दल्ली चौक, नया बस स्टैंड और गंगासागर तालाब मार्ग से होते हुए जय स्तंभ चौक स्थित अटल परिसर पहुंची। राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा और छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने मशाल लेकर यात्रा का नेतृत्व किया। अटल परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी चंद्राकर, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष पवन साहू, केसी पवार, भाजपा जिला महामंत्री सौरभ लुनिया, राकेश छोटू यादव, पूर्व नपाध्यक्ष राकेश यादव, अभिषेक शुक्ला, नपाध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन, लाल निवेन्द्र टेकाम सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा नेता, कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।
अब बड़ा सवाल—जांच किसने की?
पूरे विवाद के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतने बड़े सार्वजनिक आयोजन में पानी की बोतलों की गुणवत्ता और उपयोग अवधि की जांच की जिम्मेदारी किसकी थी?
क्या कार्यक्रम स्थल पर पानी पहुंचने से पहले संबंधित विभाग या आयोजन समिति ने बोतलों की जांच की थी? सप्लायर से पानी की खरीद या आपूर्ति के दौरान किन मानकों का पालन किया गया? यदि बोतलों की निर्धारित ‘Best Before’ अवधि समाप्त हो चुकी थी, तो इसकी जिम्मेदारी किस अधिकारी या सप्लायर की तय होगी?
फिलहाल मामला सवालों के घेरे में है। पानी की बोतलों के लेबल, Best Before तारीख और सप्लाई रिकॉर्ड की आधिकारिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह महज पुरानी पैकेजिंग का मामला था या वास्तव में लोगों के स्वास्थ्य से समझौता हुआ।
अब निगाहें PHE विभाग और प्रशासन की जांच पर टिकी हैं।

🖋️ शशिकांत “सनसनी” देवांगन (शशि कुमार देवांगन)
👨👦 पिता: स्वर्गीय गिरधारी प्रसाद देवांगन
📍 पता: राजीव नगर, वार्ड नं. 42, बसंतपुर, राजनांदगांव, Chhattisgarh – 491441
📞 मोबाइल: 9406138940
📰 वर्ष 2010 से पत्रकारिता जगत में सक्रिय शशिकांत “सनसनी” देवांगन ने अपनी पहचान निर्भीक, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता से बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समय दर्शन दैनिक अख़बार से राजनांदगांव जिला ब्यूरो चीफ के रूप में की। वर्ष 2012 में राजनांदगांव पत्रिका दैनिक से जुड़ने के बाद उन्हें “शशिकांत सनसनी” नाम से विशेष पहचान मिली।
🎙️ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में Swaraj Express, Lalluram.com, Anadi News, Sudarshan News, वंदे भारत न्यूज़ तथा AB News में स्पेशल रिपोर्टर और स्टेट हेड, Chhattisgarh के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।
📺 वर्तमान में वे “सनसनी टाइम्स” YouTube चैनल एवं 🌐 SansaniTimes.in पोर्टल के संपादक के रूप में सक्रिय हैं।
✨ पहचान — बेबाक, तेज़ और सच को जनता तक पहुँचाने वाली पत्रकारिता।


