
2015 से ऑडिट नहीं होने का दावा,
सामाजिक कार्यकर्ता क्रिस्टोफर पॉल ने शासन से नियुक्ति निरस्त करने और वित्तीय जांच की मांग
राजनांदगांव – श्रीमती सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा न्यास एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। न्यास की कार्यप्रणाली और कथित अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से शिकायतें कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता क्रिस्टोफर पॉल ने अब 19 मार्च 2026 को हुई एक नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए राज्य शासन से कार्रवाई की मांग की है।
क्रिस्टोफर पॉल का दावा है कि राजगामी संपदा न्यास के पंजीकृत बायलॉस में उपाध्यक्ष पद का कोई प्रावधान ही नहीं है। इसके बावजूद राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अवर सचिव द्वारा 19 मार्च 2026 को मनोज निर्वाणी को समिति का उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने का आरोप लगाया गया है।
पॉल ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख सचिव को लिखित शिकायत भेजकर नियुक्ति आदेश निरस्त करने की मांग की है।
बायलॉस में पद नहीं, फिर नियुक्ति पर सवाल क्यों?
शिकायतकर्ता के अनुसार न्यास के पंजीकृत बायलॉस में उपाध्यक्ष पद का उल्लेख नहीं है और न ही कभी बायलॉस में संशोधन कर इस पद को सृजित किए जाने की जानकारी है।
ऐसे में शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि जब पंजीकृत नियमावली में पद का प्रावधान नहीं था, तो उस पद पर नियुक्ति किस आधार पर की गई?

क्रिस्टोफर पॉल ने आरोप लगाया है कि यह नियुक्ति न्यास के निर्धारित नियमों की अनदेखी कर की गई है। उन्होंने शासन से नियुक्ति आदेश और उसके वैधानिक आधार की जांच कराने की मांग की है।
2015 से ऑडिट नहीं होने का दावा
मामला केवल नियुक्ति तक सीमित नहीं है। शिकायत में न्यास की वित्तीय व्यवस्था और ऑडिट को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
क्रिस्टोफर पॉल के मुताबिक पंजीकृत बायलॉस की कंडिका 4 में वार्षिक बजट यानी आय-व्यय का विवरण वित्तीय वर्ष शुरू होने से कम से कम दो महीने पहले शासन के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किए जाने का प्रावधान है और अनुमोदन के बाद ही व्यय किया जाना चाहिए।
शिकायतकर्ता का दावा है कि वर्ष 2015 से मार्च 2026 तक न्यास का ऑडिट नहीं कराया गया। इसे लेकर उन्होंने वित्तीय रिकॉर्ड, आय-व्यय और न्यास की संपत्तियों से जुड़े लेन-देन की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
1989 में संरक्षण और जनकल्याण के उद्देश्य से बना था न्यास
शिकायत में राजगामी संपदा न्यास की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार तत्कालीन मध्यप्रदेश शासन ने 25 जनवरी 1989 को राजगामी संपदा की चल-अचल संपत्तियों के संरक्षण और जनकल्याण के उद्देश्य से इसे सार्वजनिक न्यास के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया था।
इसके बाद 9 अप्रैल 1999 को तीन मनोनीत सदस्यों के माध्यम से ‘श्रीमती सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा न्यास’ और उसकी समिति के गठन का उल्लेख शिकायत में किया गया है।
8 साल से शिकायतों का दावा
क्रिस्टोफर पॉल का कहना है कि वे पिछले करीब 8 वर्षों से राजगामी संपदा न्यास की कथित नियम-विरुद्ध गतिविधियों को लेकर शासन और संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायतें करते आ रहे हैं।
अब ताजा शिकायत में उन्होंने दो प्रमुख मांगें उठाई हैं—
19 मार्च 2026 की कथित नियम-विरुद्ध नियुक्ति की जांच कर उसे निरस्त किया जाए।
वर्ष 2015 से अब तक न्यास की वित्तीय गतिविधियों और ऑडिट की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
बड़ा सवाल
जब बायलॉस में उपाध्यक्ष पद का प्रावधान नहीं होने का दावा है, तो 19 मार्च 2026 को हुई नियुक्ति किस नियम या अधिकार के तहत की गई?
और यदि 2015 से ऑडिट नहीं हुआ है, तो इतने लंबे समय से न्यास की वित्तीय गतिविधियों की निगरानी कैसे हुई?
इन सवालों पर अब शासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई का इंतजार है। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित विभाग और मनोज निर्वाणी का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।

🖋️ शशिकांत “सनसनी” देवांगन (शशि कुमार देवांगन)
👨👦 पिता: स्वर्गीय गिरधारी प्रसाद देवांगन
📍 पता: राजीव नगर, वार्ड नं. 42, बसंतपुर, राजनांदगांव, Chhattisgarh – 491441
📞 मोबाइल: 9406138940
📰 वर्ष 2010 से पत्रकारिता जगत में सक्रिय शशिकांत “सनसनी” देवांगन ने अपनी पहचान निर्भीक, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता से बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समय दर्शन दैनिक अख़बार से राजनांदगांव जिला ब्यूरो चीफ के रूप में की। वर्ष 2012 में राजनांदगांव पत्रिका दैनिक से जुड़ने के बाद उन्हें “शशिकांत सनसनी” नाम से विशेष पहचान मिली।
🎙️ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में Swaraj Express, Lalluram.com, Anadi News, Sudarshan News, वंदे भारत न्यूज़ तथा AB News में स्पेशल रिपोर्टर और स्टेट हेड, Chhattisgarh के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।
📺 वर्तमान में वे “सनसनी टाइम्स” YouTube चैनल एवं 🌐 SansaniTimes.in पोर्टल के संपादक के रूप में सक्रिय हैं।
✨ पहचान — बेबाक, तेज़ और सच को जनता तक पहुँचाने वाली पत्रकारिता।


