ED की खबर का स्टेटस लगाना पड़ा भारी! परमेश्वर सिंगौर से मारपीट का आरोप, शिवशंकर सिंह ने दी आंदोलन की चेतावनी

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CGPSC-2021 पेपर लीक और 3 करोड़ से अधिक के कथित लेनदेन वाली ED की जानकारी पर आधारित खबर को लेकर विवाद;
पाटन थाने में शिकायत, BNS की धारा 351(4) के तहत मामला दर्ज होने का दावा

दुर्ग -पाटन- छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कथित पेपर लीक और आर्थिक लेनदेन के मामले में प्रकाशित खबर का सोशल मीडिया स्टेटस लगाना एक व्यक्ति को कथित तौर पर भारी पड़ गया। परमेश्वर सिंगौर पिता गोपीराम सिंगौर, निवासी रूही ने आरोप लगाया है कि खबर का स्टेटस लगाने के बाद उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने घर से घसीटकर लाने, गाली-गलौज और धमकी देने के भी आरोप लगाए हैं।
मामले को लेकर परमेश्वर सिंगौर ने पाटन थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता के अनुसार पुलिस ने BNS की धारा 351(4) के तहत मामला दर्ज किया है।
ED की जानकारी पर आधारित थी खबर
विवाद की जड़ उस समाचार को बताया जा रहा है, जिसे परमेश्वर सिंगौर ने सोशल मीडिया स्टेटस के रूप में लगाया था। संबंधित खबर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच से जुड़ी जानकारी का उल्लेख किया गया था।
खबर में CGPSC-2021 पेपर लीक मामले की जांच के दौरान 3 करोड़ रुपये से अधिक के कथित लेनदेन का जिक्र किया गया था। साथ ही करीब 2 करोड़ 80 लाख रुपये नकद दिए जाने से संबंधित जानकारी का भी उल्लेख था।
समाचार के मुताबिक, जांच के दौरान दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त किए जाने तथा संबंधित व्यक्तियों से जुड़े लेनदेन एवं संपत्तियों की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
“समाचार पर आपत्ति है तो कानूनी रास्ता अपनाएं”—शिवशंकर सिंह
मामले को लेकर फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जिस खबर का स्टेटस लगाया गया था, वह मनगढ़ंत सामग्री नहीं थी, बल्कि ED की जानकारी पर आधारित प्रकाशित समाचार था।
शिवशंकर सिंह ने आरोप लगाया कि समाचार को लेकर आपत्ति होने पर कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती थी, लेकिन किसी व्यक्ति के साथ मारपीट, उसे घर से घसीटकर लाने और गाली-गलौज करने का आरोप गंभीर है।
उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पुलिस को किसी भी दबाव में आए बिना शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करनी चाहिए।
निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
शिवशंकर सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि परमेश्वर सिंगौर की शिकायत में लगाए गए मारपीट, घसीटकर लाने, गाली-गलौज और धमकी के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित को समय रहते न्याय नहीं मिला तो फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी की ओर से उग्र आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल मामले में लगाए गए मारपीट एवं अन्य आरोप शिकायतकर्ता के कथन पर आधारित हैं। आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। किसी भी आरोपी की दोषसिद्धि सक्षम न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन होगी।
अब बड़ा सवाल: ED की जानकारी पर आधारित खबर का सोशल मीडिया स्टेटस लगाने को लेकर आखिर विवाद इतना क्यों बढ़ा और परमेश्वर सिंगौर के साथ कथित मारपीट की घटना में वास्तविकता क्या है? इसका जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।

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