कीटनाशक बिक्री पर कृषि विभाग का बड़ा एक्शन: 25 कृषि केंद्रों पर छापा, 20 को नोटिस और 5 में जप्ती-सुपुर्दगी

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राजनांदगांव – खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने और कीटनाशकों की अवैध एवं नियम विरुद्ध बिक्री पर शिकंजा कसने कृषि विभाग ने जिलेभर में बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देश पर कृषि विभाग की टीमों ने एक साथ 25 कीटनाशक विक्रय प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर, कीटनाशकों की उपलब्धता, बिक्री अभिलेख और अन्य जरूरी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। अनियमितताएं मिलने पर 20 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जबकि 5 प्रतिष्ठानों में जप्ती-सुपुर्दगी की कार्रवाई की गई।

🔴 25 दुकानों पर जांच, नियम टूटे तो कार्रवाई

उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई के दौरान कीटनाशी अधिनियम 1968 और कीटनाशी नियम 1971 के प्रावधानों के तहत जांच की गई। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना निर्धारित प्रक्रिया कीटनाशक बेचना, स्टॉक का सही संधारण नहीं करना, लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करना अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत कीटनाशकों का व्यापार करना भारी पड़ सकता है।
20 प्रतिष्ठानों को नोटिस: दुर्गा कृषि केन्द्र डुमरडीह, सिन्हा कृषि केन्द्र तिलई, छत्तीसगढ़ कृषि केन्द्र लखोली नाका, महावीर ट्रेडर्स बसंतपुर, सोनकर कृषि केन्द्र पुराना गंज चौक, भारत कृषि केन्द्र पुराना गंज चौक, प्रजापति कृषि सेवा केन्द्र कोकपुर, शिवम कृषि केन्द्र मोहड़, हरिओम कृषि केन्द्र अरसीटोला, साहू कृषि केन्द्र छुरिया, आरू कृषि केन्द्र छुरिया, लक्ष्मी कृषि केन्द्र छुरिया, सिन्हा कृषि केन्द्र धुसेरा, हरिओम कृषि केन्द्र मुसराकला और पूरन एग्रोटेक ढारा सहित कुल 20 विक्रय प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
वहीं श्री कृषि केन्द्र कुम्हालोरी, शिवशक्ति कृषि केन्द्र सुरगी, साहू कृषि केन्द्र उपरवाह, छत्तीसगढ़ कृषि केन्द्र सिंगारपुर और साहू कृषि केन्द्र कोकपुर में नियमानुसार जप्ती एवं सुपुर्दगी की कार्रवाई की गई।

🌾 किसानों को गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक उपलब्ध कराना प्राथमिकता

उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने सभी लाइसेंसधारी कीटनाशक विक्रेताओं को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण कीटनाशकों की बिक्री करने और शासन की सभी गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
कृषि विभाग ने साफ कर दिया है कि कृषि आदानों की गुणवत्ता, स्टॉक और बिक्री व्यवस्था में गड़बड़ी मिली तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए जिले में निरीक्षण और जांच का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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