बिलासपुर में अरुण साव का सख्त एक्शन: सड़क के बीच बिजली खंभे लगाने पर जांच के आदेश, 4 अफसरों को शो-कॉज नोटिस

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प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को दी दो टूक चेतावनी—विकास कार्यों में देरी और गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं, मल्हार-रतनपुर के समन्वित विकास का बनेगा मास्टर प्लान

बिलासपुर जिले में विकास कार्यों की समीक्षा को लेकर हुई जिला स्तरीय बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि अब विकास योजनाएं केवल वर्तमान जरूरतों को देखकर नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जाएंगी। उन्होंने निर्माण कार्यों में तेजी, गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और लापरवाही के मामलों में सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
बैठक में बिल्हा के बरतोरी से मोहतरा मार्ग पर सड़क के बीच बिजली के खंभे लगाए जाने का मामला सामने आने पर उप मुख्यमंत्री नाराज हो गए। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है तो उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक से गायब 4 अधिकारियों पर भी गिरी गाज
बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों को लेकर भी अरुण साव ने नाराजगी जताई। उन्होंने बिल्हा, कोटा और तखतपुर जनपद पंचायत के सीईओ तथा रतनपुर नगर पालिका के सीएमओ को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने-अपने विभागों की नियमित समीक्षा करने और योजनाओं के वास्तविक क्रियान्वयन की मैदानी स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
बिलासपुर के जलभराव पर सरकार गंभीर, स्थायी समाधान की तैयारी
बिलासपुर शहर में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को लेकर भी उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर साल बारिश के दौरान सामने आने वाली समस्या का अस्थायी समाधान करने के बजाय ऐसा स्थायी सिस्टम तैयार किया जाए, जिससे आने वाले वर्षों में लोगों को जलभराव से राहत मिल सके।
उन्होंने बारिश के कारण सड़कों पर होने वाले गड्ढों और क्षति को लेकर भी विभागों को पहले से तैयारी रखने के निर्देश दिए, ताकि बारिश समाप्त होते ही सड़क मरम्मत और सुधार कार्य तत्काल शुरू किए जा सकें।
अरुण साव ने निर्माण विभागों की अलग से बैठक लेकर कार्यों की विस्तृत समीक्षा करने की बात कही और स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मलेरिया को लेकर गांव-गांव निगरानी के निर्देश
बैठक में मौसमी बीमारियों की रोकथाम की तैयारियों की भी समीक्षा हुई। उप मुख्यमंत्री ने मलेरिया समेत अन्य मौसमी बीमारियों को लेकर गांव स्तर तक लगातार निगरानी रखने और मितानिनों के स्तर तक आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोटा विकासखंड में अब तक 48 मलेरिया मरीज सामने आए हैं, जिनमें 6 मरीज उपचाररत हैं, जबकि अन्य स्वस्थ हो चुके हैं। प्रभावित क्षेत्रों में रोटरी क्लब के सहयोग से 1500 मच्छरदानियों का वितरण भी किया जा रहा है।
धान खरीदी से पहले किसानों के लिए बड़ा निर्देश
कृषि विभाग की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि पर्याप्त बारिश के चलते जिले में फसलों की स्थिति अच्छी है और बांधों में भी पर्याप्त जलभराव है। विभाग के अनुसार जिले में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता है।
उप मुख्यमंत्री ने आगामी धान खरीदी को लेकर किसानों के एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने गांव-गांव शिविर लगाकर किसानों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए और कहा कि पंजीयन के अभाव में एक भी किसान धान बेचने से वंचित नहीं होना चाहिए।
वीबी-जी रामजी योजना में स्थानीय जरूरतों को मिलेगी प्राथमिकता
जिला पंचायत की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अरुण साव ने वीबी-जी रामजी योजना के तहत स्थानीय जरूरत के आधार पर कार्य स्वीकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुक्तिधाम, शौचालय, स्कूल मरम्मत, जल संरक्षण और छोटे बांध सहित गांवों की वास्तविक आवश्यकताओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही।
उन्होंने जल संरक्षण के लिए गांवों में जनभागीदारी बढ़ाने और पानी बचाने को लेकर सकारात्मक वातावरण तैयार करने के निर्देश भी दिए।
जल जीवन मिशन: 804 में 310 योजनाएं पूरी
जल जीवन मिशन की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 804 सिंगल विलेज योजनाओं में से 310 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। इनमें 219 योजनाएं ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जा चुकी हैं।
उप मुख्यमंत्री ने योजनाओं के संचालन और रखरखाव को प्रभावी बनाए रखने के लिए जनभागीदारी से जल अर्पण अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने वाटर रिचार्जिंग को लेकर जिले में किए जा रहे जनभागीदारी के प्रयासों की सराहना भी की।
मल्हार-रतनपुर के लिए बनेगा मास्टर प्लान
बिलासपुर जिले की ऐतिहासिक पहचान को ध्यान में रखते हुए उप मुख्यमंत्री ने मल्हार और रतनपुर के समन्वित एवं सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि दोनों ऐतिहासिक नगरी की विरासत, पर्यटन क्षमता और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समग्र विकास की कार्ययोजना तैयार की जाए।
नगर विकास की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, अधोसंरचना विकास और साफ-सफाई के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। वहीं बिलासपुर में ISDP योजना के तहत बने आवासों की आवश्यक मरम्मत कराकर पात्र गरीब परिवारों को जल्द आवंटित करने को कहा गया।
जीवनदीप और आयुष समिति की बैठक में कई प्रस्तावों को मंजूरी
जिला स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव की अध्यक्षता में बिलासपुर जिला अस्पताल की जीवनदीप समिति और शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय की आयुष समिति की बैठक भी हुई। इसमें अस्पताल और महाविद्यालय की सुविधाओं तथा विकास कार्यों से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा हुई और कई प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने उप मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।
बैठक में ये प्रमुख जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर पूजा विधानी, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित विभिन्न जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों के अध्यक्ष तथा विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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