ठाकुर टोला टोल प्लाजा पर महिला कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर घमासान, FDLP ने NHAI से मांगा

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छह महिला टोल बैरियर कर्मचारियों की नियुक्ति का दावा, एक भी महिला कर्मचारी नहीं होने पर उठे सवाल; जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग

राजनांदगांव -ठाकुर टोला स्थित NHAI टोल प्लाजा पर महिला टोल बैरियर कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर विवाद गहरा गया है। फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी (FDLP) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने टोल प्लाजा प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए महिला कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर तत्काल स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
शिवशंकर सिंह का आरोप है कि टोल प्लाजा पर महिला सुरक्षा और महिला रोजगार से जुड़े निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनके अनुसार, प्रत्येक टोल प्लाजा पर कम से कम छह महिला टोल बैरियर कर्मचारियों की नियुक्ति किए जाने का प्रावधान बताया गया है, लेकिन ठाकुर टोला टोल प्लाजा पर वर्तमान में एक भी महिला कर्मचारी की नियुक्ति नहीं होने का दावा किया जा रहा है।
‘नियम है तो पालन क्यों नहीं?’
FDLP ने सवाल उठाया है कि यदि महिला कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर निर्धारित दिशा-निर्देश लागू हैं, तो ठाकुर टोला टोल प्लाजा पर उनका पालन क्यों नहीं किया जा रहा है। पार्टी ने NHAI और टोल प्रबंधन से नियुक्तियों की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।
शिवशंकर सिंह ने कहा कि महिलाओं को रोजगार के समान अवसर उपलब्ध कराना और सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करना केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि संवैधानिक एवं कानूनी दायित्वों से भी जुड़ा विषय है। यदि निर्धारित नियमों का उल्लंघन हुआ है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और प्रबंधन के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।
संविधान और महिला सुरक्षा कानूनों का हवाला
मामले को लेकर जारी पोस्टर में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 19(1)(g), 21, 39(d) और 42 का उल्लेख किया गया है। FDLP ने इन प्रावधानों के माध्यम से समानता, रोजगार के अवसर, जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता तथा महिलाओं के लिए कार्यस्थल से जुड़े अधिकारों की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
इसके अलावा कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 सहित अन्य कानूनी प्रावधानों का भी हवाला दिया गया है।
FDLP की प्रमुख मांगें
FDLP ने मामले में NHAI और संबंधित अधिकारियों के समक्ष कई मांगें रखी हैं—
ठाकुर टोला टोल प्लाजा पर महिला कर्मचारियों की नियुक्ति की स्थिति स्पष्ट की जाए।
निर्धारित संख्या के अनुसार छह महिला टोल बैरियर कर्मचारियों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।
यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
टोल प्लाजा पर महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
NHAI और टोल प्रबंधन की ओर से पूरे मामले पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया जाए।
आधिकारिक जवाब का इंतजार
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक NHAI, संबंधित टोल प्लाजा प्रबंधन अथवा राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। महिला कर्मचारियों की नियुक्ति से संबंधित FDLP के दावे की स्वतंत्र पुष्टि भी फिलहाल नहीं हो सकी है।
अब देखने वाली बात होगी कि NHAI और टोल प्लाजा प्रबंधन इस आरोप पर क्या जवाब देता है और क्या ठाकुर टोला टोल प्लाजा पर महिला कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर कोई ठोस कदम उठाया जाता है।

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