सशक्त बचपन की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़: पोषण पखवाड़ा में देश में नंबर-1, कुपोषण घटा, आंगनबाड़ी और बाल संरक्षण को मिली नई ताकत

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बाल विकास पर विशेष फोकस, आधुनिक आंगनबाड़ी, मिशन वात्सल्य और बाल विवाह मुक्त अभियान से बदली तस्वीर

छत्तीसगढ़ में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार की योजनाओं का सकारात्मक असर दिखाई देने लगा है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में प्रदेश ने बाल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। पोषण पखवाड़ा के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया है।
प्रदेश में 11,490 आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है। इनमें BaLA पेंटिंग, पोषण वाटिका, खेल आधारित शिक्षण गतिविधियां और बच्चों के लिए आकर्षक वातावरण तैयार किया जा रहा है। साथ ही मनरेगा के तहत 2,337 नए आंगनबाड़ी भवनों को मंजूरी मिली है, जबकि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 191 नए केंद्र शुरू किए जा चुके हैं।
कुपोषण में उल्लेखनीय कमी
पोषण ट्रैकर ऐप के अनुसार, 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में कुपोषण के विभिन्न संकेतकों में सुधार दर्ज किया गया है। दिसंबर 2023 में जहां स्टंटिंग (बौनापन) की दर 30.27 प्रतिशत थी, वह जून 2026 तक घटकर 22.45 प्रतिशत रह गई। इसके अलावा वेस्टिंग और अंडरवेट के मामलों में भी कमी दर्ज की गई है।
पोषण अभियान में देशभर में अव्वल
वित्तीय वर्ष 2024-25 और अप्रैल 2025 के पोषण पखवाड़ा में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया। सितंबर-अक्टूबर 2025 के पोषण माह में 71,887 गतिविधियां आयोजित की गईं, जबकि अप्रैल 2026 के पोषण पखवाड़ा के दौरान 34.93 लाख से अधिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।
मिशन वात्सल्य से बच्चों को सुरक्षा
राज्य में मिशन वात्सल्य के तहत बाल संरक्षण सेवाओं का विस्तार किया गया है। बाल देखरेख संस्थाओं की संख्या बढ़कर 109 हो गई है। मुख्यमंत्री बाल उदय योजना, चाइल्ड हेल्पलाइन और दत्तक ग्रहण जैसी योजनाओं के माध्यम से हजारों बच्चों को सहायता मिली है। स्पॉन्सरशिप योजना से लाभान्वित बच्चों की संख्या 767 से बढ़कर 2,037 हो गई है।
बाल विवाह रोकने में बड़ी सफलता
‘बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़’ अभियान के तहत बाल विवाह प्रतिरोध अधिकारियों की संख्या बढ़कर 1,382 हो गई है। अभियान के प्रभाव से रोके गए बाल विवाहों की संख्या 109 से बढ़कर 888 तक पहुंच गई है, जो सामाजिक जागरूकता और प्रशासनिक सक्रियता का बड़ा परिणाम माना जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य
राज्य सरकार का कहना है कि आधुनिक आंगनबाड़ी, बेहतर पोषण, मजबूत बाल संरक्षण व्यवस्था और बाल विवाह उन्मूलन जैसे प्रयासों से छत्तीसगढ़ को बच्चों के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि “सशक्त बचपन ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव है।”

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