खमतराई थाना के तत्कालीन टीआई और एक पुलिसकर्मी पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप; परिजनों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, सामाजिक संगठनों ने भी उठाई कार्रवाई की मांग

addtext 07 15 05.34.59

रायपुर में आत्महत्या मामले ने पकड़ा तूल, वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों पर प्रताड़ना के आरोप; निष्पक्ष जांच की मांग तेज

रायपुर _ राजधानी रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र से जुड़े आत्महत्या के एक मामले ने नया मोड़ ले लिया है। रावाभाठा निवासी महेश दास मानिकपुरी द्वारा 3 जुलाई को कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने से मामले ने तूल पकड़ लिया है। वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसे लेकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
परिजनों का दावा है कि वायरल वीडियो में मृतक ने खमतराई थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी राजेश सिंह और पुलिसकर्मी प्रदीप सिंह (बंटी) पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि लगातार मानसिक उत्पीड़न के कारण महेश दास मानिकपुरी ने यह आत्मघाती कदम उठाया।
मामले को लेकर परिजनों ने रायपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
इस मुद्दे पर पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन, रायपुर (छत्तीसगढ़) के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश तिवारी सहित समाजसेवी हर्षा परपानी, अंबिका तिवारी, राजेश साहू, बलराम साहू, विजय महापात्र, मुकेश कुमार वर्मा, हिमांशु साहू, बालकृष्ण सोनापल्ली, विजय किशोर दूधे, विनोद वानखेड़े और पवित्र सेन्द्रे ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
संगठन के प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति ने आत्महत्या से पहले किसी वीडियो या अन्य माध्यम से गंभीर आरोप लगाए हैं, तो उन आरोपों की निष्पक्ष, पारदर्शी और विधिसम्मत जांच होना आवश्यक है, ताकि सत्य सामने आ सके और न्याय सुनिश्चित हो।
इस मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ताओं और परिजनों के दावों पर आधारित हैं। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

Advertisement
Advertisement

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top