पूजा पैकरा प्रकरण पहुंचा राष्ट्रीय आयोग, भाजपा युवा नेता राहुल खटीक ने नई दिल्ली में उठाई निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग

addtext 07 11 05.05.16



राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष से मुलाकात कर सौंपा ज्ञापन, पीड़ित आदिवासी परिवार को सुरक्षा और न्याय दिलाने की अपील
नई दिल्ली/कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बैकुंठपुर क्षेत्र की नाबालिग आदिवासी बालिका पूजा पैकरा प्रकरण अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता राहुल खटीक ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री दर्जा प्राप्त अंतर सिंह आर्य से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराने की मांग उठाई।
राहुल खटीक ने आयोग के अध्यक्ष को बताया कि बैकुंठपुर निवासी नाबालिग पूजा पैकरा पर एक किराना दुकान संचालक द्वारा कथित रूप से झूठा चोरी का आरोप लगाया गया, जिसके बाद बालिका और उसके परिवार को मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस घटना से पूरे क्षेत्र में आक्रोश है और पीड़ित परिवार अब भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है।
उन्होंने आयोग से आग्रह किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। यदि जांच में किसी भी व्यक्ति द्वारा कानून का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके विरुद्ध अनुसूचित जनजाति समुदाय के अधिकारों की रक्षा करते हुए कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को सुरक्षा, शासन की ओर से हरसंभव सहायता और न्याय उपलब्ध कराया जाए।
राहुल खटीक ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समाज के लोगों के सम्मान, सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। किसी भी निर्दोष व्यक्ति, विशेषकर नाबालिग बालिका, के साथ अन्याय या मानसिक उत्पीड़न की स्थिति में निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि राष्ट्रीय आयोग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेगा।
मुलाकात के दौरान आयोग के अध्यक्ष ने पूरे मामले की जानकारी गंभीरता से सुनी और आवश्यक तथ्यों पर ध्यान देते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। राहुल खटीक ने आयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कदम उठाए जाएंगे।
राहुल खटीक ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि एक पीड़ित आदिवासी परिवार की आवाज़ को संवैधानिक मंच तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्याय की मांग करना हर नागरिक का अधिकार है और निष्पक्ष जांच के बाद जो भी सत्य होगा, वह सामने आना चाहिए।
नोट: इस खबर में वर्णित आरोप संबंधित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं। मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है, अंतिम निष्कर्ष सक्षम प्राधिकारी की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

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