राजनांदगांव | Sansani Times | 06 जुलाई 2026
मानसून की पहली ही तेज बारिश ने राजनांदगांव जिले में करोड़ों रुपये की लागत से बने दो नए रेलवे ओवरब्रिजों की निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बरगा और आलीवारा रेलवे ओवरब्रिज, जिन्हें हाल ही में यातायात के लिए शुरू किया गया था, पहली बारिश का सामना भी नहीं कर सके। दोनों पुलों की एप्रोच रोड पर सड़क धंसने, डामर उखड़ने और लंबी-लंबी दरारें पड़ने की तस्वीरें सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पहली बारिश में सामने आई बड़ी खामियां
शनिवार रात हुई तेज बारिश के बाद जब लोग सुबह रेलवे ओवरब्रिजों से गुजरने पहुंचे तो सड़क की स्थिति देखकर हैरान रह गए। सबसे अधिक खराब हालत बरगा रेलवे ओवरब्रिज की सामने आई, जहां करीब दो महीने पहले ही पुल को आम लोगों के लिए खोला गया था।
स्थानीय लोगों के अनुसार पुल की एप्रोच रोड पर लगभग 100 मीटर तक लंबी दरारें पड़ गई हैं। कई स्थानों पर सड़क करीब सात फीट तक धंस गई है, जबकि 10 से 15 फीट तक डामर पूरी तरह उखड़ चुका है। सड़क के बैठ जाने से वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
आलीवारा ओवरब्रिज की हालत भी चिंताजनक
करीब एक महीने पहले शुरू हुए आलीवारा रेलवे ओवरब्रिज की स्थिति भी पहली बारिश के बाद खराब हो गई। यहां भी एप्रोच रोड पर चौड़ी दरारें दिखाई देने लगीं और सड़क कई स्थानों पर बैठ गई।
क्षति सामने आने के बाद रेलवे विभाग ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया, लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने नए पुल में पैबंद लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
ग्रामीणों की मांग है कि दोषपूर्ण निर्माण को पूरी तरह हटाकर गुणवत्ता मानकों के अनुरूप दोबारा निर्माण कराया जाए।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी खामियां
यह पहली बार नहीं है जब जिले के रेलवे ओवरब्रिजों की गुणवत्ता पर सवाल उठे हों। इससे पहले मनगटा-मुढ़ीपार रेलवे ओवरब्रिज में भी इसी प्रकार सड़क धंसने और निर्माण संबंधी खामियां सामने आई थीं। वह मामला विधानसभा तक पहुंचा था और निर्माण गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।
अब बरगा और आलीवारा ओवरब्रिज में भी उसी तरह की स्थिति सामने आने से रेलवे की निर्माण एजेंसियों और गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था पर फिर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पहली ही बारिश में करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का इस तरह क्षतिग्रस्त होना गंभीर लापरवाही का संकेत है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें—
- पूरे निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए।
- निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय की जाए।
- गुणवत्ता परीक्षण की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
- दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
- आवश्यकता पड़ने पर एप्रोच रोड का नए सिरे से निर्माण कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि केवल मरम्मत कर मामले को दबाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।
रेलवे का पक्ष
मामले पर रेलवे अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराई जा रही है।
सीनियर सेक्शन इंजीनियर ए.के. मौर्य के अनुसार, क्षतिग्रस्त स्थानों का निरीक्षण किया गया है और स्थायी समाधान के लिए भी आवश्यक तकनीकी कदम उठाए जाएंगे।
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहली ही बारिश में सड़क धंस रही है तो केवल मरम्मत पर्याप्त नहीं है। पूरे निर्माण की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
निर्माण गुणवत्ता पर उठे बड़े सवाल
करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए इन रेलवे ओवरब्रिजों की पहली ही बारिश में बिगड़ी हालत कई सवाल खड़े करती है—
- क्या निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुसार हुआ था?
- क्या निर्माण सामग्री में लापरवाही बरती गई?
- क्या कार्य के दौरान तकनीकी मानकों का पालन किया गया?
- क्या गुणवत्ता निरीक्षण केवल औपचारिकता बनकर रह गया?
इन सवालों के जवाब अब प्रशासन और रेलवे विभाग को देने होंगे।
Sansani Times निष्कर्ष
बरगा और आलीवारा रेलवे ओवरब्रिजों की पहली ही बारिश में सामने आई खामियां केवल निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। यदि करोड़ों रुपये की सार्वजनिक परियोजनाएं कुछ ही सप्ताह में क्षतिग्रस्त होने लगें तो यह केवल तकनीकी विफलता नहीं बल्कि जवाबदेही का भी मामला है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि रेलवे विभाग केवल मरम्मत तक सीमित रहता है या फिर पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कर दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई भी करता है।

🖋️ शशिकांत “सनसनी” देवांगन (शशि कुमार देवांगन)
👨👦 पिता: स्वर्गीय गिरधारी प्रसाद देवांगन
📍 पता: राजीव नगर, वार्ड नं. 42, बसंतपुर, राजनांदगांव, Chhattisgarh – 491441
📞 मोबाइल: 9406138940
📰 वर्ष 2010 से पत्रकारिता जगत में सक्रिय शशिकांत “सनसनी” देवांगन ने अपनी पहचान निर्भीक, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता से बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समय दर्शन दैनिक अख़बार से राजनांदगांव जिला ब्यूरो चीफ के रूप में की। वर्ष 2012 में राजनांदगांव पत्रिका दैनिक से जुड़ने के बाद उन्हें “शशिकांत सनसनी” नाम से विशेष पहचान मिली।
🎙️ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में Swaraj Express, Lalluram.com, Anadi News, Sudarshan News, वंदे भारत न्यूज़ तथा AB News में स्पेशल रिपोर्टर और स्टेट हेड, Chhattisgarh के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।
📺 वर्तमान में वे “सनसनी टाइम्स” YouTube चैनल एवं 🌐 SansaniTimes.in पोर्टल के संपादक के रूप में सक्रिय हैं।
✨ पहचान — बेबाक, तेज़ और सच को जनता तक पहुँचाने वाली पत्रकारिता।



