प्रशासन की निष्क्रियता पर फूटा गुस्सा: अवैध प्लॉटिंग के आरोपी पर कार्रवाई न होने से आक्रोश, 6 जुलाई को SDM कार्यालय घेराव की चेतावनी

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बालोद/डौंडीलोहारा। डौंडीलोहारा क्षेत्र में कथित अवैध प्लॉटिंग के मामले में प्रशासन की निष्क्रियता के खिलाफ अब जनाक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी (FDLP) और भारतीय किसान मोर्चा ने 6 जुलाई 2026 को डौंडीलोहारा स्थित अनुविभागीय अधिकारी (SDM) कार्यालय के घेराव का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि यदि प्रशासन ने तत्काल कठोर कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

बार-बार शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं

संगठन के अनुसार डौंडीलोहारा निवासी कमलेश जैन (पिता: फूलचंद जैन) द्वारा बड़े पैमाने पर कथित रूप से नियमों के विपरीत अवैध प्लॉटिंग की गई है। आरोप है कि इस संबंध में पहले भी कई बार दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ प्रशासन के समक्ष शिकायतें प्रस्तुत की गईं, लेकिन अब तक किसी प्रकार की प्रभावी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई।

संगठन का दावा है कि प्रशासन की चुप्पी और ढुलमुल रवैये के कारण क्षेत्र में लोगों का विश्वास कमजोर हुआ है तथा किसानों और आम नागरिकों में भारी नाराजगी व्याप्त है।

कलेक्टर और एसपी को सौंपा गया ज्ञापन

भारतीय किसान मोर्चा (FDLP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवशंकर सिंह की ओर से जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा स्थानीय प्रशासन को लिखित आवेदन सौंपकर आंदोलन की आधिकारिक सूचना दी गई है। आवेदन में प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि यदि अवैध प्लॉटिंग के मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा जनआंदोलन करेगा।

6 जुलाई को सुबह 11 बजे होगा SDM कार्यालय का घेराव

संगठन की घोषित रणनीति के अनुसार सोमवार, 6 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे से डौंडीलोहारा SDM कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसानों, प्रभावित नागरिकों तथा संगठन के कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया गया है।

आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक संबंधित मामले में विधिसम्मत कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने की मांग

संगठन ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि आंदोलन के दौरान पर्याप्त पुलिस बल एवं प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की जाए ताकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हो सके। संगठन ने स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य कानून व्यवस्था को प्रभावित करना नहीं, बल्कि प्रशासन का ध्यान जनता की समस्याओं की ओर आकर्षित करना है।

संगठन का आरोप

संगठन का आरोप है कि कथित अवैध प्लॉटिंग के कारण किसानों और गरीबों के हित प्रभावित हो रहे हैं। संगठन का कहना है कि यदि प्रशासन ने अब भी कार्रवाई नहीं की तो भविष्य में चक्काजाम सहित व्यापक आंदोलन की रणनीति अपनाई जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

समाचार लिखे जाने तक जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 6 जुलाई को प्रस्तावित घेराव से पहले प्रशासन मामले में कोई कार्रवाई करता है या आंदोलन अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ता है।

(नोट: इस समाचार में लगाए गए आरोप संबंधित संगठन द्वारा जारी बयान और ज्ञापन पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अथवा संबंधित पक्ष का विस्तृत पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

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