बालोद, छत्तीसगढ़:
बालोद जिला में स्थित दल्लीराजहरा एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। साल्हे ग्राम पंचायत के आश्रित गांव जमरूवा में ग्रामीणों ने माइंस गतिविधियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यह विरोध अब स्थानीय स्तर से निकलकर व्यापक जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
ग्रामीणों का आरोप है कि भिलाई स्टील प्लांट द्वारा संचालित खनन कार्यों ने इलाके के पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।
- जंगलों का तेजी से क्षरण
- जल स्रोतों का सूखना
- बढ़ता वायु प्रदूषण
इन समस्याओं ने स्थानीय जीवन को सीधे प्रभावित किया है।
“ये सिर्फ जमीन नहीं, भविष्य की लड़ाई है”
ग्रामीणों का कहना है कि यह संघर्ष सिर्फ जमीन बचाने का नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व का है। गांव के लोगों के अनुसार, अगर समय रहते खनन गतिविधियों पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो पूरा क्षेत्र पर्यावरणीय संकट की चपेट में आ सकता है।

अनिश्चितकालीन हड़ताल, बढ़ता जनसमर्थन
जमरूवा में ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
इस आंदोलन में अब महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी शामिल हैं।
साथ ही, फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी और पांचवीं अनुसूची गणराज्य से जुड़ी ग्राम सभाओं ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है, जिससे यह संघर्ष और व्यापक होता जा रहा है।
प्रशासन पर उठते सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की भूमिका अब तक निष्क्रिय रही है।
शिकायतों और विरोध के बावजूद कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
सुशासन दिवस जैसे अवसर पर भी केवल आश्वासन मिलने से लोगों में नाराजगी बढ़ी है।
तकनीक बनाम जमीनी हकीकत
ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं—
जब ड्रोन के जरिए सर्वेक्षण संभव है, तो जमीनी स्तर की समस्याओं को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है?
बड़ा सवाल
क्या विकास के नाम पर पर्यावरण और स्थानीय समुदायों के अस्तित्व को नजरअंदाज किया जाएगा?
या फिर प्रशासन और सरकार इस टकराव का संतुलित समाधान निकाल पाएंगे?
Sansani Times Insight
जमरूवा का यह आंदोलन सिर्फ एक गांव की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस बड़े सवाल को सामने लाता है—
विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन आखिर कैसे तय होगा?



🖋️ शशिकांत “सनसनी” देवांगन (शशि कुमार देवांगन)
👨👦 पिता: स्वर्गीय गिरधारी प्रसाद देवांगन
📍 पता: राजीव नगर, वार्ड नं. 42, बसंतपुर, राजनांदगांव, Chhattisgarh – 491441
📞 मोबाइल: 9406138940
📰 वर्ष 2010 से पत्रकारिता जगत में सक्रिय शशिकांत “सनसनी” देवांगन ने अपनी पहचान निर्भीक, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता से बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समय दर्शन दैनिक अख़बार से राजनांदगांव जिला ब्यूरो चीफ के रूप में की। वर्ष 2012 में राजनांदगांव पत्रिका दैनिक से जुड़ने के बाद उन्हें “शशिकांत सनसनी” नाम से विशेष पहचान मिली।
🎙️ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में Swaraj Express, Lalluram.com, Anadi News, Sudarshan News, वंदे भारत न्यूज़ तथा AB News में स्पेशल रिपोर्टर और स्टेट हेड, Chhattisgarh के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।
📺 वर्तमान में वे “सनसनी टाइम्स” YouTube चैनल एवं 🌐 SansaniTimes.in पोर्टल के संपादक के रूप में सक्रिय हैं।
✨ पहचान — बेबाक, तेज़ और सच को जनता तक पहुँचाने वाली पत्रकारिता।



