जमरुआ में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा; BSP की अवैध डंपिंग के खिलाफ चक्काजाम, प्रशासन की गैरमौजूदगी से बढ़ा तनाव

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🟥 सनसनी टाइम्स | वेब पोर्टल रिपोर्ट

📍 दल्ली राजहरा/बालोद | सनसनी टाइम्स डेस्क

छत्तीसगढ़ के दल्ली राजहरा क्षेत्र के जमरुआ गांव में आज उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए जब सैकड़ों ग्रामीणों ने कथित अवैध खनिज डंपिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि (BSP) द्वारा लंबे समय से अवैध रूप से खनिज डंपिंग की जा रही है, जिससे पर्यावरण और स्थानीय जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।


🚧 चक्काजाम से थमा यातायात

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

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⚠️ प्रशासन की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल

इतने बड़े प्रदर्शन के बावजूद जिला प्रशासन का कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
ना कलेक्टर, ना पुलिस अधीक्षक, ना ही एसडीएम या तहसीलदार—प्रशासन की इस अनुपस्थिति ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।
ग्रामीणों ने इसे प्रशासनिक उदासीनता बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई है।

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🏛️ राजनीतिक हस्तक्षेप से आंदोलन को मिला समर्थन

घटना की जानकारी मिलते ही फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवशंकर सिंह, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र साहू (अधिवक्ता) और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोती हिरवानी मौके पर पहुंचे।
नेताओं ने ग्रामीणों का समर्थन करते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की।


🌡️ गर्मी में बिगड़ी ग्रामीणों की हालत

तेज गर्मी और घंटों तक सड़क पर डटे रहने के कारण कई प्रदर्शनकारियों की तबीयत बिगड़ गई।
स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार किया गया, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।


📢 ग्रामीणों की चेतावनी

आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक अवैध डंपिंग पूरी तरह बंद नहीं होती और जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आकर ठोस आश्वासन नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


🔎 स्थिति पर नजर

फिलहाल क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
सवाल यह है कि आखिर कब तक ग्रामीणों की आवाज अनसुनी होती रहेगी और प्रशासन कब इस मुद्दे पर संज्ञान लेगा।


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