मंदिर परिसर में 50 से 60 दुकानों के निर्माण का दावा, मुख्य मार्ग पर बन रही 20 फीट हाथी प्रतिमा पर भी उठे सवाल
महासमुंद। जिले के घुचापाली स्थित प्रसिद्ध गढ़ चंडी माता मंदिर में कथित अवैध निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और अखिल भारतीय विश्व महा हिन्दू सभा ने मंदिर परिसर में हो रहे निर्माण कार्यों पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में दुकानों का निर्माण किया जा रहा है, जबकि श्रद्धालुओं के लिए जरूरी मूलभूत सुविधाएं अब भी उपेक्षित हैं।
गढ़ चंडी माता मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। हर वर्ष यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन हाल के दिनों में मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर स्थानीय लोगों के बीच असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर परिसर में लगभग 50 से 60 दुकानों का निर्माण किया गया है या निर्माणाधीन है। उनका कहना है कि इस प्रकार के निर्माण से मंदिर का मूल स्वरूप प्रभावित हो रहा है और धार्मिक स्थल का अत्यधिक व्यावसायीकरण किया जा रहा है।
हाथी प्रतिमा को लेकर भी आपत्ति
विवाद का एक अन्य कारण मंदिर के मुख्य मार्ग पर बनाई जा रही करीब 20 फीट ऊंची सीमेंट की हाथी प्रतिमा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रतिमा निर्माण से मंदिर तक पहुंचने वाला रास्ता संकरा हो रहा है। उनका दावा है कि त्योहारों और विशेष अवसरों पर भारी भीड़ के दौरान इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हो सकती है और दुर्घटना की आशंका भी बढ़ सकती है।
मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी का आरोप
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर में पेयजल, स्वच्छता, पार्किंग, बैठने की व्यवस्था और मार्ग सुधार जैसी आवश्यक सुविधाओं का पर्याप्त विकास नहीं किया गया है। उनका आरोप है कि इन सुविधाओं पर ध्यान देने के बजाय व्यावसायिक निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
जांच और कार्रवाई की मांग
अखिल भारतीय विश्व महा हिन्दू सभा के प्रदेश सचिव महंत हिमगिरि तथा ग्रामीणों ने मंदिर ट्रस्ट से निर्माण कार्यों की वैधानिकता की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी प्रकार का निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है तो उस पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। साथ ही मंदिर के विकास के लिए एक योजनाबद्ध और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
प्रशासन और ट्रस्ट के रुख पर नजर
फिलहाल मंदिर ट्रस्ट या प्रशासन की ओर से आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि संबंधित विभाग और मंदिर प्रबंधन इन आरोपों पर क्या रुख अपनाते हैं और जांच की मांग पर क्या कार्रवाई होती है।
(नोट: यह खबर ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और संगठन के प्रतिनिधियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। प्रशासन या मंदिर ट्रस्ट का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

🖋️ शशिकांत “सनसनी” देवांगन (शशि कुमार देवांगन)
👨👦 पिता: स्वर्गीय गिरधारी प्रसाद देवांगन
📍 पता: राजीव नगर, वार्ड नं. 42, बसंतपुर, राजनांदगांव, Chhattisgarh – 491441
📞 मोबाइल: 9406138940
📰 वर्ष 2010 से पत्रकारिता जगत में सक्रिय शशिकांत “सनसनी” देवांगन ने अपनी पहचान निर्भीक, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता से बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समय दर्शन दैनिक अख़बार से राजनांदगांव जिला ब्यूरो चीफ के रूप में की। वर्ष 2012 में राजनांदगांव पत्रिका दैनिक से जुड़ने के बाद उन्हें “शशिकांत सनसनी” नाम से विशेष पहचान मिली।
🎙️ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में Swaraj Express, Lalluram.com, Anadi News, Sudarshan News, वंदे भारत न्यूज़ तथा AB News में स्पेशल रिपोर्टर और स्टेट हेड, Chhattisgarh के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।
📺 वर्तमान में वे “सनसनी टाइम्स” YouTube चैनल एवं 🌐 SansaniTimes.in पोर्टल के संपादक के रूप में सक्रिय हैं।
✨ पहचान — बेबाक, तेज़ और सच को जनता तक पहुँचाने वाली पत्रकारिता।



