बिजली विभाग की लापरवाही से 15 गायों की दर्दनाक मौत! जर्जर खंभे बने मौत का कारण, मुआवजे और कार्रवाई की उठी मांग

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राजनांदगांव में दर्दनाक हादसा, फार्म हाउस बना मौत का मैदान

राजनांदगांव, 11 जून 2026। जिले के रानी जोतकुंवर वार्ड क्रमांक 50 स्थित सिंगदई क्षेत्र में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। तेज आंधी, तूफान और बारिश के बीच वर्षों से जर्जर हालत में खड़े बिजली के खंभे धराशायी हो गए। खंभों के गिरने के बाद भी बिजली आपूर्ति बंद नहीं की गई, जिसके चलते फार्म हाउस में मौजूद 15 गायें करंट की चपेट में आ गईं और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

इस घटना ने न केवल पशुपालकों को झकझोर दिया है, बल्कि विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार घटना सिंगदई स्थित पशुपालक सुखीराम साहू के फार्म हाउस की है। बुधवार रात क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश के दौरान चार बिजली खंभे गिर गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खंभे काफी समय से जर्जर स्थिति में थे और उनके गिरने की आशंका पहले से जताई जा रही थी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक खंभे गिरने के बाद बिजली तार जमीन पर पड़े रहे और उनमें करंट प्रवाहित होता रहा। गुरुवार सुबह फार्म हाउस परिसर में घूम रही गायें इन तारों की चपेट में आ गईं। देखते ही देखते 15 गायों की मौत हो गई।


स्थानीय पार्षद ने विभाग पर लगाए गंभीर आरोप

वार्ड पार्षद मुकेश साहू ने घटना को विद्युत विभाग की घोर लापरवाही बताते हुए कहा कि रात से ही खंभे गिरे हुए थे और बिजली तारों में करंट प्रवाहित हो रहा था।

उनका आरोप है कि स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने के बावजूद विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों ने तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की। यदि समय रहते बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती या टीम मौके पर पहुंच जाती, तो इतनी बड़ी क्षति टाली जा सकती थी।


कई बार की गई थी शिकायत, फिर भी नहीं बदले गए खंभे

फार्म हाउस संचालक सुखीराम साहू का कहना है कि संबंधित बिजली खंभों की जर्जर स्थिति को लेकर कई बार विद्युत विभाग को शिकायत दी गई थी। जनप्रतिनिधियों ने भी खंभे बदलने और मरम्मत की मांग की थी।

इसके बावजूद विभाग ने न तो खंभों को बदला और न ही कोई स्थायी मरम्मत कार्य कराया। शिकायतों की लगातार अनदेखी के कारण आखिरकार यह बड़ा हादसा सामने आया।


मोहारा फिल्टर प्लांट क्षेत्र में भी गिरे खंभे

स्थानीय सूत्रों के अनुसार मोहारा पानी फिल्टर प्लांट के सामने भी कई बिजली खंभे गिरने की सूचना मिली है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या जिले में बड़ी संख्या में जर्जर विद्युत संरचनाएं हादसों को न्योता दे रही हैं।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते विद्युत व्यवस्था का रखरखाव किया जाता तो इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सकता था।


पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधि पहुंचे मौके पर

घटना की जानकारी मिलते ही बसंतपुर पुलिस, वार्ड पार्षद तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंचे। मृत गायों को देखकर लोगों में भारी आक्रोश देखा गया।

स्थानीय नागरिकों ने विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पीड़ित पशुपालक को उचित मुआवजा देने की मांग की है।


उठ रहे हैं कई बड़े सवाल

  • शिकायतों के बावजूद जर्जर खंभों को क्यों नहीं बदला गया?
  • खंभे गिरने के बाद बिजली आपूर्ति तत्काल बंद क्यों नहीं की गई?
  • क्या विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी?
  • पीड़ित पशुपालक को नुकसान का उचित मुआवजा मिलेगा?
  • जिले में जर्जर विद्युत ढांचे का सर्वे कब होगा?

जनता कार्रवाई का इंतजार कर रही है

15 बेजुबान गायों की मौत ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि प्रशासनिक और विभागीय लापरवाही का परिणाम है।

अब पूरे मामले में जिला प्रशासन और विद्युत विभाग की कार्रवाई पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती तो क्षेत्र में जनआक्रोश और बढ़ सकता है।

“लापरवाही किसकी, कीमत बेजुबान पशुओं ने चुकाई!”

“जर्जर खंभों ने ली 15 गायों की जान, जवाबदेही तय करना जरूरी”

— सन्सनी टाइम्स डेस्क, राजनांदगांव

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