80 बच्चों का भविष्य एक शिक्षक के भरोसे! आमगांव कु प्राथमिक शाला में शिक्षा व्यवस्था बदहाल, पालकों ने शासन से लगाई गुहार

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एकल शिक्षक व्यवस्था से जूझ रहा स्कूल, 25–30 गांवों के बच्चों की पढ़ाई पर संकट

छुरिया / डोंगरगांव / राजनांदगांव

विकासखंड छुरिया के अंतर्गत आने वाले ग्राम आमगांव कु स्थित शासकीय प्राथमिक शाला इन दिनों गंभीर शिक्षक संकट से जूझ रही है। कभी आसपास के 25 से 30 गांवों के बच्चों की शिक्षा का प्रमुख केंद्र मानी जाने वाली यह शाला आज केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रही है। विद्यालय की इस स्थिति ने ग्रामीण पालकों और ग्रामवासियों की चिंता बढ़ा दी है।

जानकारी के अनुसार, शासकीय प्राथमिक शाला आमगांव कु में वर्तमान में लगभग 80 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन पूरे विद्यालय की जिम्मेदारी केवल एक शिक्षक के कंधों पर है। पूर्व में यहां तीन शिक्षक पदस्थ थे, जिससे पढ़ाई सुचारु रूप से संचालित होती थी। लेकिन समय के साथ दो शिक्षकों का पदोन्नति के बाद अन्यत्र स्थानांतरण हो गया और उनके स्थान पर आज तक नई नियुक्ति नहीं की गई।

एक शिक्षक पर कई कक्षाओं की जिम्मेदारी

विद्यालय में पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं। ऐसे में एक ही शिक्षक द्वारा सभी कक्षाओं के बच्चों को एक साथ पढ़ाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे बच्चों को बुनियादी शिक्षा, लेखन-पठन और व्यक्तिगत मार्गदर्शन के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है, जिसका सीधा असर उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता पर पड़ रहा है।

पालकों ने बताया कि पहले जब विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक थे, तब शिक्षा व्यवस्था बेहतर थी और दूर-दराज के गांवों से भी बच्चे यहां पढ़ने आते थे। लेकिन अब स्थिति ऐसी बन गई है कि बच्चों की नियमित पढ़ाई और सर्वांगीण विकास प्रभावित हो रहा है।

पालकों में भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता

ग्रामवासियों और पालकों का कहना है कि यदि समय रहते शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई, तो बच्चों की शिक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। उनका आरोप है कि शिक्षा विभाग को कई बार मौखिक रूप से समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।

पालकों ने शासन और शिक्षा विभाग से मांग करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार है और उन्हें शिक्षक विहीन व्यवस्था के भरोसे नहीं छोड़ा जाना चाहिए।

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ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

  • विद्यालय में तत्काल अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना की जाए
  • प्रत्येक कक्षा के लिए समुचित शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
  • शिक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए
  • ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षक रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए

शासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

समस्त ग्रामवासी एवं पालकगण आमगांव कु ने छत्तीसगढ़ शासन और शिक्षा विभाग से अपील की है कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस गंभीर समस्या का तत्काल समाधान किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द शिक्षक नियुक्त नहीं किए गए तो आने वाले समय में बच्चों की शिक्षा और भविष्य दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

प्रेषक : समस्त ग्रामवासीगण एवं पालकगण, आमगांव कु

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