मजदूर जिंदगी और मौत के बीच: 33 केवी लाइन की चपेट में आया श्रमिक, ठेकेदार पर इलाज छोड़ने का आरोप

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निर्माण कार्य में बड़ी लापरवाही, अब पैर काटने की नौबत

राजनांदगांव। शहर के बसंतपुर थाना क्षेत्र से मजदूर सुरक्षा को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। निर्माणाधीन भवन में काम कर रहे एक मजदूर को 33 केवी हाईटेंशन लाइन ने अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे के बाद ठेकेदार द्वारा इलाज का भरोसा दिए जाने के बावजूद बीच रास्ते में साथ छोड़ देने का आरोप पीड़ित मजदूर ने लगाया है। आर्थिक तंगी और इलाज के अभाव में अब घायल मजदूर के पैर काटने तक की नौबत आ गई है।

33 केवी लाइन से टकराई लोहे की रॉड, छत से नीचे गिरा मजदूर

जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला 4 जून 2025 का बताया जा रहा है। ग्राम किरगी निवासी उत्तम कुमार साहू (36 वर्ष) को ठेकेदार अगेश्वर पटेल द्वारा मोहारा बायपास रोड किनारे बन रही एक नव-निर्मित बिल्डिंग में मजदूरी के लिए ले जाया गया था।

बताया जा रहा है कि निर्माणाधीन दो मंजिला भवन में काम के दौरान उत्तम लोहे की रॉड उठा रहा था। इसी दौरान रॉड पास से गुजर रही 33 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई। तेज धमाके के साथ करंट लगते ही उत्तम बुरी तरह झुलस गया और छत से नीचे गिर पड़ा।

हादसे में उसके पैर सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

“इलाज कराने का वादा किया, फिर फोन उठाना बंद कर दिया”

घायल मजदूर उत्तम साहू ने आरोप लगाया है कि हादसे के तुरंत बाद ठेकेदार अगेश्वर पटेल ने पूरा इलाज कराने और खर्च उठाने का भरोसा दिया था। पहले उसे पेंड्री अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद भिलाई के शंकराचार्य अस्पताल रेफर किया गया।

पीड़ित का कहना है कि कुछ दिनों तक इलाज चलता रहा, लेकिन बाद में ठेकेदार ने संपर्क बंद कर दिया। फोन उठाना बंद कर दिया गया और आर्थिक सहायता भी नहीं दी गई।

उत्तम साहू के अनुसार इलाज के लिए पर्याप्त पैसे नहीं मिलने से उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती गई। अब डॉक्टरों ने संक्रमण और गंभीर चोटों के कारण पैर काटने की आशंका जताई है।

आर्थिक तंगी में परिवार, न्याय की मांग

घटना के बाद से पीड़ित परिवार गहरे आर्थिक संकट में है। मजदूरी कर परिवार चलाने वाले उत्तम साहू के घायल होने के बाद घर की स्थिति बेहद खराब हो गई है। परिवार ने प्रशासन और पुलिस से न्याय दिलाने तथा इलाज के लिए मदद की मांग की है।

परिजनों का कहना है कि यदि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

मामले को गंभीरता से लेते हुए बसंतपुर पुलिस ने आरोपी ठेकेदार अगेश्वर पटेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125(बी) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और हादसे के बाद की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

सवालों के घेरे में निर्माण स्थलों की सुरक्षा

इस घटना ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में कई निर्माण कार्य ऐसे हैं जहां हाईटेंशन लाइनों के बेहद करीब बिना सुरक्षा उपकरणों और मानकों के मजदूरों से काम कराया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण कार्य के दौरान विद्युत सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य है, लेकिन ठेकेदारों की लापरवाही अक्सर मजदूरों की जान पर भारी पड़ती है।

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