पेमेंट रोको, नियम थोपो! कलेक्टर के सामने पीएचईडी पर ठेकेदारों का बड़ा आरोप

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खैरागढ़ | SANSANI TIMES

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) की कार्यप्रणाली को लेकर ठेकेदारों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। पीएचईडी कॉन्ट्रेक्टर एसोसिएशन ने विभाग के कार्यपालन अभियंता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर खैरागढ़ को विस्तृत शिकायत पत्र सौंपा है। ठेकेदारों का कहना है कि विभाग में भुगतान रोकने के लिए लगातार नए-नए नियम थोपे जा रहे हैं, जिससे उनके कामकाज और आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ रहा है।

एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश जोशी और जिला अध्यक्ष संजय महोबिया के नेतृत्व में 28 अप्रैल 2026 को ठेकेदारों का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर से मिला और अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं। शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया कि कार्यपालन अभियंता जानबूझकर ठेकेदारों के बिल लंबित रख रहे हैं। जब भी भुगतान की मांग की जाती है, तब नई शर्तें और नियमों का हवाला देकर प्रक्रिया को टाल दिया जाता है।

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ठेकेदारों ने बताया कि लगातार भुगतान अटकने से वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कई ठेकेदारों के सामने मजदूरों का भुगतान, सामग्री आपूर्ति और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि विभागीय अधिकारियों का रवैया न केवल असहयोगात्मक है, बल्कि कई बार अभद्र व्यवहार भी किया जाता है, जिससे ठेकेदारों में असंतोष और बढ़ गया है।

शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि संबंधित अधिकारी की कार्यशैली पहले भी विवादों में रही है। जहां-जहां उनकी पदस्थापना हुई, वहां ठेकेदारों को इसी प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ा। ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि ऐसी कार्यप्रणाली से न केवल उनके कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘जल जीवन मिशन’ भी बाधित हो रही है।

उन्होंने कहा कि यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ तो ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति से जुड़ी योजनाओं की गति रुक सकती है, जिससे आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ेगी। जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना का प्रभावित होना सीधे तौर पर शासन की प्राथमिकताओं पर असर डाल सकता है।

ठेकेदारों ने कलेक्टर के समक्ष स्पष्ट मांग रखी कि संबंधित कार्यपालन अभियंता के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर उनका तत्काल स्थानांतरण किया जाए ताकि विभागीय कार्य सुचारू रूप से चल सके और भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी बन सके।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारी को ठेकेदारों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को अधिकृत किया गया है कि वे विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की संयुक्त बैठक आयोजित कर लंबित मुद्दों का जल्द समाधान सुनिश्चित करें।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिले में पीएचईडी की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। ठेकेदारों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।

कलेक्टर से मुलाकात के दौरान नितिन सिंह भाटी, संतोष मीणा, अयूब भाई, लक्ष्मण सोनटके, अमन तिवारी, धनी रामपाल, तरुण सिंह, अयाश सिंह, बोनी, सलीम मेमन, चीकू ताम्रकार, अभिजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में ठेकेदार मौजूद रहे।

SANSANI TIMES
“सच की सनसनी, जनता की आवाज़”

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