गौ हत्या के खिलाफ शिवसेना का संकल्प: आज राजनांदगांव में उपवास आंदोलन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन

addtext 04 26 07.24.22

राजनांदगांव | SANSANI TIMES

राजनांदगांव में आज गौ हत्या और गौ तस्करी के खिलाफ शिवसेना द्वारा एक दिवसीय उपवास धरना आयोजित किया जाएगा। यह आंदोलन जिला कलेक्ट्रेट के सामने किया जाएगा, जिसमें शिवसेना के मुख्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में शिवसैनिक शामिल होंगे। संगठन ने इस कार्यक्रम को गौ माता के संरक्षण, सम्मान और गौ सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया है।

शिवसेना का कहना है कि प्रदेश में लगातार बढ़ रही गौ हत्या, गौ तस्करी और गौ संरक्षण से जुड़ी समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन गंभीर नहीं है। इसी के विरोध में यह शांतिपूर्ण उपवास आंदोलन रखा गया है, ताकि सरकार का ध्यान इन गंभीर मुद्दों की ओर आकर्षित किया जा सके।

धरना स्थल पर शिवसेना के पदाधिकारी गौ रक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से उठाएंगे। संगठन का स्पष्ट कहना है कि गौ माता केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक व्यवस्था का भी महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में गौ हत्या और गौ तस्करी जैसी घटनाएं समाज की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाती हैं।

उपवास कार्यक्रम के बाद दोपहर 3 बजे शिवसेना का एक प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेगा। इस ज्ञापन में संगठन ने कई प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें सबसे पहली मांग गौ माता को “राज्य माता” का दर्जा देने की है।

इसके साथ ही गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, गौ हत्या करने वालों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने, तथा गौ तस्करी में उपयोग किए जाने वाले वाहनों को राजसात (जप्त) करने की मांग भी प्रमुख रूप से शामिल है।

शिवसेना ने यह भी मांग की है कि गांव-गांव में बनाए गए गौठानों को विधिवत गौशाला घोषित किया जाए, ताकि वहां गौवंश की बेहतर देखभाल हो सके। साथ ही प्रत्येक गौशाला में दो गौ सेवकों की कलेक्टर दर पर नियुक्ति की जाए, जिससे गौ सेवा का कार्य व्यवस्थित रूप से संचालित हो सके।

शिवसेना प्रदेश सचिव कमल सोनी ने कहा कि यह उपवास धरना केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि गौ माता के संरक्षण और सम्मान के लिए समाज की सामूहिक आवाज है। उन्होंने कहा कि यदि शासन-प्रशासन द्वारा इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो शिवसेना आने वाले समय में और बड़ा तथा उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

img 20260426 wa0009

उन्होंने कहा कि गौ रक्षा केवल धार्मिक विषय नहीं, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा और संवेदनाओं से जुड़ा राष्ट्रीय मुद्दा है। सरकार को इस दिशा में कठोर और प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

आज होने वाले इस उपवास आंदोलन को लेकर शहर में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है।

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शासन-प्रशासन शिवसेना की मांगों पर क्या रुख अपनाता है और क्या गौ संरक्षण के मुद्दे पर कोई ठोस निर्णय सामने आता है।

Advertisement
Advertisement

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top