
राजनांदगांव में आवासीय पट्टा सर्वे पर उठे सवाल! एक ही जमीन का दो बार सर्वे, परिवार के मुखिया का नाम गायब होने का आरोप
वार्ड क्रमांक 11 के खसरा नंबर 80 का मामला, कांग्रेस नेता आसिफ अली ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन; सर्वे सूची निरस्त कर दोबारा सर्वे कराने की मांग, सुधार नहीं होने पर तहसील कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
राजनांदगांव, 12 अक्टूबर 2026। राजनांदगांव नगर निगम क्षेत्र में आवासीय पट्टा वितरण के लिए किए जा रहे सर्वेक्षण की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्वामित्व योजना के अंतर्गत राजस्व विभाग द्वारा किए जा रहे सर्वे में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस नेता आसिफ अली ने प्रशासन के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने वार्ड क्रमांक 11 स्थित राजेन्द्र प्रसाद वार्ड, स्टेशनपारा में एक ही भूखंड का दो बार सर्वे किए जाने और परिवार के मुखिया का नाम सूची से गायब होने का आरोप लगाते हुए तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है।
मामले को लेकर आसिफ अली ने सर्वेक्षण की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने संबंधित अभिलेखों की जांच कराने, कथित अनियमितताओं को दूर करने और जरूरत पड़ने पर पूरे क्षेत्र में नए सिरे से सर्वेक्षण कराने की मांग की है।
एक ही खसरा नंबर, दो बार सर्वेक्षण का आरोप
मामला राजनांदगांव के वार्ड क्रमांक 11, राजेन्द्र प्रसाद वार्ड के स्टेशनपारा क्षेत्र में स्थित खसरा नंबर 80 से जुड़ा है। कांग्रेस नेता आसिफ अली के अनुसार, राजस्व विभाग के सर्वेक्षण में एक ही भूखंड का दो अलग-अलग बार सर्वे किया गया है। आरोप है कि दोनों सर्वेक्षणों में परिवार की अलग-अलग संतानों के नाम दर्ज किए गए, जबकि राशन कार्ड में दर्ज परिवार के मुखिया का नाम सर्वे सूची में शामिल नहीं किया गया।
आसिफ अली का कहना है कि यदि एक ही जमीन का दो बार सर्वे हुआ है और वास्तविक पात्र व्यक्ति का नाम ही सूची से छूट गया है, तो इस मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि सर्वेक्षण के दौरान मौके पर भौतिक सत्यापन किया गया था या नहीं और अभिलेखों के आधार पर पात्र हितग्राही की पहचान किस तरह सुनिश्चित की गई।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
गरीब परिवारों के अधिकारों पर असर पड़ने की आशंका
कांग्रेस नेता आसिफ अली ने कहा कि आवासीय पट्टा सर्वे की प्रक्रिया गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में सर्वेक्षण के दौरान किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूटना या एक ही भूखंड का दो बार सर्वे होना हितग्राहियों के अधिकारों को प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने मांग की कि प्रशासन इस मामले को सामान्य त्रुटि मानकर नजरअंदाज न करे, बल्कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे।
उनके मुताबिक, सर्वेक्षण सूची में त्रुटियां रहने पर भविष्य में पट्टा वितरण की प्रक्रिया के दौरान विवाद की स्थिति बन सकती है। इसलिए सूची को अंतिम रूप देने से पहले सभी तथ्यों और दस्तावेजों का सत्यापन आवश्यक है।
तहसीलदार को सौंपे ज्ञापन में रखीं ये प्रमुख मांगें
आसिफ अली द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की गई हैं—
1. निष्पक्ष जांच: संबंधित भूखंड के पूर्व और वर्तमान सर्वेक्षण की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए।
2. अभिलेखों का मिलान: दोनों सर्वेक्षणों से जुड़े दस्तावेजों, नक्शों और प्रतिवेदनों का मिलान किया जाए, ताकि कथित दोहरे सर्वे की स्थिति सामने आ सके।
3. अग्रिम कार्रवाई पर रोक: जांच पूरी होने तक विवादित सर्वे सूची के आधार पर आगे की कार्रवाई स्थगित रखी जाए।
4. सर्वे सूची निरस्त करने की मांग: यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो संबंधित सूची निरस्त कर नियमानुसार दोबारा सर्वेक्षण कराया जाए। आवश्यकता होने पर पूरे क्षेत्र का नए सिरे से सर्वे कराया जाए।
5. जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई: सर्वेक्षण में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
सुधार नहीं हुआ तो तहसील कार्यालय के सामने आंदोलन
ज्ञापन सौंपने के बाद आसिफ अली ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि समय रहते कथित अनियमितताओं को दूर नहीं किया गया और अन्य वार्डों में भी इस तरह की त्रुटियां सामने आईं, तो कांग्रेस तहसील कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन करेगी।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर उग्र आंदोलन भी किया जाएगा। इस मामले में ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर को भी भेजी गई है, ताकि प्रशासन के उच्च स्तर पर प्रकरण का संज्ञान लिया जा सके।
अब प्रशासन की जांच पर टिकी निगाहें
वार्ड क्रमांक 11 के खसरा नंबर 80 से जुड़ा यह मामला अब राजस्व विभाग की सर्वेक्षण प्रक्रिया की शुद्धता और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। एक ही भूखंड का दो बार सर्वे होने और परिवार के मुखिया का नाम सूची में दर्ज नहीं होने के आरोपों के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन दस्तावेजों की जांच कर क्या निष्कर्ष निकालता है।
फिलहाल, ज्ञापन के माध्यम से मामले की जांच और पुनः सर्वेक्षण की मांग की गई है। आरोपों की पुष्टि, संबंधित अधिकारियों का पक्ष और प्रशासन की कार्रवाई सामने आने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान उपस्थित रहे: वार्ड क्रमांक 11 के पार्षद छोटे लाल रामटेके, शेख अनीश, जितेंद्र साहू, सावन पाल और ऋषि रजक सहित अन्य लोग।

🖋️ शशिकांत “सनसनी” देवांगन (शशि कुमार देवांगन)
👨👦 पिता: स्वर्गीय गिरधारी प्रसाद देवांगन
📍 पता: राजीव नगर, वार्ड नं. 42, बसंतपुर, राजनांदगांव, Chhattisgarh – 491441
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📰 वर्ष 2010 से पत्रकारिता जगत में सक्रिय शशिकांत “सनसनी” देवांगन ने अपनी पहचान निर्भीक, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता से बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समय दर्शन दैनिक अख़बार से राजनांदगांव जिला ब्यूरो चीफ के रूप में की। वर्ष 2012 में राजनांदगांव पत्रिका दैनिक से जुड़ने के बाद उन्हें “शशिकांत सनसनी” नाम से विशेष पहचान मिली।
🎙️ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में Swaraj Express, Lalluram.com, Anadi News, Sudarshan News, वंदे भारत न्यूज़ तथा AB News में स्पेशल रिपोर्टर और स्टेट हेड, Chhattisgarh के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।
📺 वर्तमान में वे “सनसनी टाइम्स” YouTube चैनल एवं 🌐 SansaniTimes.in पोर्टल के संपादक के रूप में सक्रिय हैं।
✨ पहचान — बेबाक, तेज़ और सच को जनता तक पहुँचाने वाली पत्रकारिता।


