खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG)। अपराध अनुसंधान को आधुनिक, तेज और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में केसीजी पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। अब जिले की पुलिस पारंपरिक कागजी प्रक्रिया से आगे बढ़कर डिजिटल विवेचना की ओर बढ़ चुकी है। पुलिस मुख्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए 63 स्मार्ट मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT) जिले के थाना-चौकी प्रभारियों और विवेचकों को वितरित किए गए हैं। इन हाईटेक उपकरणों की मदद से अब पुलिस अधिकारी सीधे घटनास्थल से ही डिजिटल साक्ष्य अपलोड कर सकेंगे, केस डायरी अपडेट करेंगे और वरिष्ठ अधिकारियों को रियल-टाइम जानकारी भेज सकेंगे।
अपराध जांच होगी तेज, पारदर्शी और वैज्ञानिक
पुलिस विभाग के अनुसार स्मार्ट मोबाइल डेटा टर्मिनल सामान्य स्मार्टफोन नहीं हैं, बल्कि पुलिस कार्यों के लिए विशेष रूप से विकसित सुरक्षित डिजिटल उपकरण हैं। इनमें विभागीय एप्लीकेशन, सुरक्षित नेटवर्क और अपराध अनुसंधान से जुड़े सभी आवश्यक डिजिटल टूल पहले से इंस्टॉल हैं। इससे विवेचकों को जांच के दौरान अलग-अलग प्रक्रियाओं में समय बर्बाद नहीं करना पड़ेगा।
इन उपकरणों के माध्यम से घटनास्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारी फोटो, वीडियो, दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी तुरंत सुरक्षित सर्वर पर अपलोड कर सकेंगे। इससे साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की संभावना कम होगी और जांच प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय बनेगी।
घटनास्थल से ही अपडेट होगी केस डायरी
अब तक अधिकांश मामलों में विवेचकों को घटनास्थल से लौटने के बाद केस डायरी तैयार करनी पड़ती थी, जिससे समय लगता था। लेकिन नए MDT मिलने के बाद विवेचक मौके पर ही केस डायरी अपडेट कर सकेंगे। वरिष्ठ अधिकारी भी जांच की प्रगति पर रियल-टाइम निगरानी रख सकेंगे, जिससे मामलों के शीघ्र निपटारे में मदद मिलेगी।
डिजिटल साक्ष्यों का होगा सुरक्षित संरक्षण
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का सुरक्षित संधारण संभव होगा। फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड सीधे सुरक्षित सिस्टम में संग्रहित किए जाएंगे, जिससे साक्ष्य खोने या बदलने की आशंका काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। इससे अदालत में भी मजबूत और वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत करने में सुविधा मिलेगी।
आम जनता को मिलेगा बेहतर पुलिसिंग का लाभ
केसीजी पुलिस का मानना है कि तकनीक आधारित विवेचना से न केवल जांच की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि पुलिस की जवाबदेही भी मजबूत होगी। फील्ड में मौजूद विवेचक तत्काल कार्रवाई कर सकेंगे और शिकायतों के निराकरण में तेजी आएगी। इसका सीधा लाभ आम नागरिकों को बेहतर, पारदर्शी और समयबद्ध पुलिस सेवाओं के रूप में मिलेगा।
विवेचकों को दिए गए आवश्यक निर्देश
स्मार्ट मोबाइल डेटा टर्मिनल वितरण कार्यक्रम के दौरान सभी विवेचकों को इन उपकरणों के प्रभावी उपयोग, डिजिटल साक्ष्यों के सुरक्षित संरक्षण और प्रत्येक प्रकरण की समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में जिले के राजपत्रित अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी तथा बड़ी संख्या में विवेचक उपस्थित रहे।
तकनीक आधारित पुलिसिंग की ओर मजबूत कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल से पुलिसिंग अधिक स्मार्ट, पारदर्शी और परिणामोन्मुख होगी। केसीजी पुलिस द्वारा उठाया गया यह कदम भविष्य में अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता सुधारने और आधुनिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

🖋️ शशिकांत “सनसनी” देवांगन (शशि कुमार देवांगन)
👨👦 पिता: स्वर्गीय गिरधारी प्रसाद देवांगन
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📰 वर्ष 2010 से पत्रकारिता जगत में सक्रिय शशिकांत “सनसनी” देवांगन ने अपनी पहचान निर्भीक, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता से बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समय दर्शन दैनिक अख़बार से राजनांदगांव जिला ब्यूरो चीफ के रूप में की। वर्ष 2012 में राजनांदगांव पत्रिका दैनिक से जुड़ने के बाद उन्हें “शशिकांत सनसनी” नाम से विशेष पहचान मिली।
🎙️ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में Swaraj Express, Lalluram.com, Anadi News, Sudarshan News, वंदे भारत न्यूज़ तथा AB News में स्पेशल रिपोर्टर और स्टेट हेड, Chhattisgarh के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।
📺 वर्तमान में वे “सनसनी टाइम्स” YouTube चैनल एवं 🌐 SansaniTimes.in पोर्टल के संपादक के रूप में सक्रिय हैं।
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