दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेंज साइबर थाना पुलिस ने बीमा पॉलिसी रिफंड के नाम पर करीब 1 करोड़ 60 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दिल्ली से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह खुद को बीमा लोकपाल (Insurance Ombudsman) का अधिकारी बताकर लोगों को झांसा देता था और अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराकर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम देता था। पुलिस को इस नेटवर्क के तार विदेशी, विशेष रूप से नाइजीरियन साइबर अपराधियों से जुड़े होने के संकेत भी मिले हैं।
बीमा पॉलिसी रिफंड के नाम पर रची गई ठगी
पुलिस के अनुसार, पीड़ित को फोन कर यह विश्वास दिलाया गया कि उसकी पुरानी बीमा पॉलिसी की राशि रिफंड की जाएगी। इसके लिए विभिन्न शुल्क, टैक्स और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन रकम जमा कराई गई। लगातार झांसे में लेकर पीड़ित से कुल करीब 1.60 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कराए गए।
तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
अपराध क्रमांक 03/2026 की विवेचना के दौरान साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण, मोबाइल नंबरों, डिजिटल ट्रेल और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच की। जांच के आधार पर एक विशेष टीम दिल्ली रवाना की गई, जहां से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई—
- मनमीत सिंह (42 वर्ष)
- ईशांत माहे उर्फ ईशु (37 वर्ष)
- अमनदीप सिंह (33 वर्ष)
तीनों आरोपियों को विधिवत ट्रांजिट रिमांड पर दुर्ग लाकर न्यायालय में पेश किया गया।

विदेशी साइबर नेटवर्क से जुड़े मिले बैंक खाते
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने लालच में आकर अपने बैंक खाते साइबर ठगों को उपयोग के लिए उपलब्ध कराए थे। जांच में खुलासा हुआ कि इन खातों का उपयोग विदेशी, विशेष रूप से नाइजीरियन साइबर ठगी नेटवर्क द्वारा किया जा रहा था।
पुलिस जांच में इन बैंक खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन सामने आए हैं। साथ ही देश के विभिन्न राज्यों में इन आरोपियों और इनके खातों के खिलाफ साइबर अपराध से जुड़ी कई शिकायतें भी दर्ज मिली हैं।
आरोपियों के कब्जे से महत्वपूर्ण सामग्री बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं, जिनमें शामिल हैं—
- 3 मोबाइल फोन
- 6 बैंक पासबुक
- 4 चेकबुक
- कई सिम कार्ड
इन जब्त सामग्रियों की फॉरेंसिक और डिजिटल जांच की जा रही है, जिससे साइबर नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की उम्मीद है।
पहले भी हो चुकी है एक गिरफ्तारी
पुलिस ने बताया कि इस मामले में इससे पहले एक बैंक खाताधारक को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और मास्टरमाइंड की तलाश जारी है। संभावना जताई जा रही है कि जांच के दौरान और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
लोगों से साइबर पुलिस की अपील
दुर्ग रेंज साइबर थाना ने नागरिकों से अपील की है कि—
- बीमा पॉलिसी रिफंड, केवाईसी अपडेट, निवेश या बोनस के नाम पर आने वाले कॉल और संदेशों पर तुरंत भरोसा न करें।
- किसी भी अनजान व्यक्ति या बैंक खाते में बिना सत्यापन राशि ट्रांसफर न करें।
- किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
- साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या नजदीकी साइबर थाना से संपर्क करें।
निष्कर्ष
दुर्ग साइबर पुलिस की इस कार्रवाई ने एक ऐसे अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का खुलासा किया है, जो बीमा पॉलिसी रिफंड का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था। विदेशी साइबर नेटवर्क से जुड़े इस मामले ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि साइबर अपराध लगातार संगठित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल रहा है। ऐसे में जागरूकता, सतर्कता और समय पर शिकायत ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

🖋️ शशिकांत “सनसनी” देवांगन (शशि कुमार देवांगन)
👨👦 पिता: स्वर्गीय गिरधारी प्रसाद देवांगन
📍 पता: राजीव नगर, वार्ड नं. 42, बसंतपुर, राजनांदगांव, Chhattisgarh – 491441
📞 मोबाइल: 9406138940
📰 वर्ष 2010 से पत्रकारिता जगत में सक्रिय शशिकांत “सनसनी” देवांगन ने अपनी पहचान निर्भीक, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता से बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समय दर्शन दैनिक अख़बार से राजनांदगांव जिला ब्यूरो चीफ के रूप में की। वर्ष 2012 में राजनांदगांव पत्रिका दैनिक से जुड़ने के बाद उन्हें “शशिकांत सनसनी” नाम से विशेष पहचान मिली।
🎙️ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में Swaraj Express, Lalluram.com, Anadi News, Sudarshan News, वंदे भारत न्यूज़ तथा AB News में स्पेशल रिपोर्टर और स्टेट हेड, Chhattisgarh के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।
📺 वर्तमान में वे “सनसनी टाइम्स” YouTube चैनल एवं 🌐 SansaniTimes.in पोर्टल के संपादक के रूप में सक्रिय हैं।
✨ पहचान — बेबाक, तेज़ और सच को जनता तक पहुँचाने वाली पत्रकारिता।



