पर्यावरण दिवस पर गायत्री विद्यापीठ का संदेश: रैली, नुक्कड़ नाटक और पौधरोपण से दिया प्रकृति संरक्षण का संकल्प

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राजनांदगांव। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से राजनांदगांव स्थित गायत्री विद्यापीठ सीजी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में “धरती का आवरण – पर्यावरण” थीम पर पर्यावरण दिवस एवं वन महोत्सव उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और रंगारंग प्रस्तुतियों, नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रैली तथा पौधरोपण के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का प्रभावशाली संदेश दिया।

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विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। नन्हे विद्यार्थियों ने वृक्ष, बादल, चिड़िया और तोते जैसी आकर्षक वेशभूषा धारण कर अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का ध्यान आकर्षित किया। वहीं कक्षा छठवीं से आठवीं तक के विद्यार्थियों ने भाषण, कविता पाठ और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता तथा बढ़ते प्रदूषण के दुष्प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

इसके बाद विद्यालय परिसर से जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें विद्यार्थियों और शिक्षकों ने हाथों में संदेश लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पर्यावरण बचाने के लिए प्रेरित किया। रैली के दौरान “पेड़ लगाओ, धरती बचाओ”, “धरती को स्वर्ग बनाना है, पेड़-पौधे लगाना है” और “वृक्ष धरा के भूषण हैं” जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। विद्यार्थियों ने आम नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान किया।

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कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक में यह संदेश दिया गया कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपाय है। विद्यार्थियों ने अपने अभिनय के माध्यम से यह भी बताया कि यदि आज पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर संकटों का सामना करना पड़ सकता है।

विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती पिंकी खंडेलवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति मानव जीवन का आधार है और प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझे। उन्होंने विद्यार्थियों से हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

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कार्यक्रम में उपस्थित वार्ड के पूर्व पार्षद अमीन हुड्डा ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही देश का भविष्य हैं। यदि बचपन से ही उनमें पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित होगी तो आने वाला समाज अधिक जागरूक और जिम्मेदार बनेगा। उन्होंने कहा, “जल है तो कल है और पेड़-पौधे हैं तो जीवन है।” उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा करने की अपील भी की।

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कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का सामूहिक रूप से रोपण किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों ने स्वच्छ, हरित एवं प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का सामूहिक संकल्प लिया।

मुख्य बिंदु

  • “धरती का आवरण – पर्यावरण” थीम पर मनाया गया पर्यावरण दिवस एवं वन महोत्सव।
  • कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में लिया भाग।
  • रंगारंग प्रस्तुतियों, भाषण, कविता और नुक्कड़ नाटक से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश।
  • जागरूकता रैली में गूंजे “पेड़ लगाओ, धरती बचाओ” जैसे नारे।
  • विद्यालय परिसर में किया गया पौधरोपण, सभी ने हरित पर्यावरण का लिया संकल्प।
  • प्राचार्य पिंकी खंडेलवाल और पूर्व पार्षद अमीन हुड्डा ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित।
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