महाराष्ट्र: गढ़चिरोली के जंगल में नक्सलियों के कथित हथियार निर्माण ठिकाने का भंडाफोड़, 5–6 टन की लेथ मशीन समेत भारी मात्रा में सामग्री बरामद

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By Sansani Times Digital Desk
गढ़चिरोली | महाराष्ट्र | 29 जून 2026

गढ़चिरोली जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिलने का दावा किया गया है। गढ़चिरोली पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की संयुक्त टीम ने महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़ सीमा से सटे बालाबेड़ा के घने जंगल में विशेष सर्च ऑपरेशन चलाकर कथित तौर पर नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई हथियार निर्माण सामग्री, भारी मशीनरी और धातु उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद सामग्री का इस्तेमाल हथियार और विस्फोटक उपकरण बनाने में किया जाता था। सुरक्षा कारणों से मौके पर ही पूरी सामग्री को नष्ट कर दिया गया।

हालांकि, पुलिस के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।


गुप्त सूचना के आधार पर चला विशेष अभियान

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों को विश्वसनीय खुफिया सूचना मिली थी कि बालाबेड़ा जंगल के भीतर नक्सलियों ने हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनें और अन्य उपकरण जमीन के नीचे गहरे गड्ढों में छिपाकर रखे हैं।

सूचना के आधार पर 27 जून 2026 को गढ़चिरोली पुलिस और CRPF की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान शुरू किया। कई घंटों तक चले सघन तलाशी अभियान के दौरान जवानों ने जंगल के भीतर खुदाई कर बड़ी मात्रा में मशीनरी और धातु सामग्री बरामद की।


क्या-क्या बरामद हुआ?

पुलिस के अनुसार, बरामद सामग्री में शामिल हैं—

  • लगभग 5 से 6 टन वजनी भारी लेथ मशीन
  • करीब 150 लोहे के पाइप
  • लगभग 220 बोर पाइप
  • राइफल निर्माण में इस्तेमाल होने वाली धातु सामग्री
  • विभिन्न प्रकार के मैकेनिकल उपकरण
  • अन्य औद्योगिक मशीनरी और हार्डवेयर

पुलिस का कहना है कि इन सभी सामानों को बेहद सुनियोजित तरीके से जमीन के भीतर छिपाकर रखा गया था ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचाया जा सके।


पुलिस का दावा—हथियार निर्माण में होता था इस्तेमाल

गढ़चिरोली पुलिस के मुताबिक, बरामद मशीनों और उपकरणों का इस्तेमाल कथित तौर पर विभिन्न प्रकार के हथियार और विस्फोटक तैयार करने में किया जाता था।

पुलिस का दावा है कि इन मशीनों की मदद से—

  • बंदूकें
  • राइफल
  • मोर्टार बम
  • क्लेमर माइन
  • पाइप बम
  • अन्य विस्फोटक उपकरण

तैयार किए जाते थे।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और जांच जारी है।


मौके पर ही नष्ट की गई सामग्री

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, बरामद भारी मशीनरी और अन्य सामग्री को सुरक्षा कारणों से मौके पर ही नष्ट कर दिया गया ताकि भविष्य में उसका दोबारा उपयोग न किया जा सके।

पुलिस का कहना है कि भारी मशीनों को सुरक्षित स्थान तक ले जाना कठिन था और उनके दोबारा इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।


नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका: पुलिस

गढ़चिरोली पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई नक्सल विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण सफलता है। अधिकारियों के अनुसार, इस बरामदगी से नक्सलियों के कथित हथियार निर्माण नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंचा है और भविष्य में उनकी गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।


पूरे इलाके में जारी है सर्च ऑपरेशन

पुलिस ने बताया कि बरामदगी के बाद भी पूरे जंगल क्षेत्र में व्यापक सर्च ऑपरेशन जारी है। सुरक्षा बल आसपास के इलाकों में संभावित ठिकानों की तलाश कर रहे हैं।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि यह सामग्री कब से वहां छिपाकर रखी गई थी, इसके पीछे कौन लोग शामिल थे और इसका इस्तेमाल किस स्तर पर किया जा रहा था।


आधिकारिक बयान

गढ़चिरोली पुलिस के मार्गदर्शन में चलाए गए इस संयुक्त अभियान को अधिकारियों ने नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि बताया है। पुलिस का कहना है कि अभियान के दौरान बरामद सामग्री और मशीनरी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है तथा पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी गई है।


Sansani Times Disclaimer

यह खबर गढ़चिरोली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। हथियार निर्माण और बरामद सामग्री के उपयोग संबंधी दावे पुलिस के हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। मामले की जांच जारी है और आगे आने वाली आधिकारिक जानकारी के आधार पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।

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