चार साल से गाय के कोठे में पढ़ने को मजबूर 41 बच्चे, अधूरे स्कूल भवन ने छीना सुरक्षित शिक्षा का अधिकार

addtext 07 18 01.06.19

गरियाबंद के मोतीपानी गांव में शिक्षा व्यवस्था की बदहाल तस्वीर; भवन निर्माण अधूरा, बरसात में गाय के कोठे में लग रही कक्षाएं, ग्रामीणों ने जल्द निर्माण पूरा करने की उठाई मांग।
गरियाबंद _प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के सरकारी दावों के बीच गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड के दूरस्थ आदिवासी ग्राम मोतीपानी से एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। यहां पिछले चार वर्षों से प्राथमिक स्कूल भवन नहीं होने के कारण 41 मासूम बच्चे गाय के कोठे में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। बरसात के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई नियमित रूप से प्रभावित हो रही है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2002 में निर्मित प्राथमिक स्कूल भवन को जर्जर घोषित किए जाने के बाद करीब चार वर्ष पहले ध्वस्त कर दिया गया था। इसके स्थान पर नए भवन के निर्माण की स्वीकृति तो मिल गई, लेकिन निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका। नतीजतन बच्चों की पढ़ाई अस्थायी व्यवस्था के भरोसे चल रही है।
बरसात में गाय का कोठा बना कक्षा
बरसात के मौसम में अस्थायी कक्षाओं में पानी भर जाने के कारण बच्चों को गाय के कोठे में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मजबूरी में इस व्यवस्था के सहारे शिक्षा जारी रखी गई है, लेकिन यह बच्चों के भविष्य और उनकी सुरक्षा, दोनों के लिए चिंता का विषय है।
कलेक्टर के आश्वासन के बाद भी नहीं बना स्कूल
ग्रामीणों के मुताबिक, गोना में आयोजित सुशासन शिविर के दौरान जिला कलेक्टर ने 15 जून तक नए स्कूल भवन का निर्माण पूरा कराने का आश्वासन दिया था। हालांकि नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद भी भवन तैयार नहीं हो सका, जिससे बच्चे आज भी अपने स्कूल भवन का इंतजार कर रहे हैं।
41 बच्चों का भविष्य अधर में
लगातार चार वर्षों से अधूरे पड़े भवन के कारण 41 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल भवन का निर्माण शीघ्र पूरा कर बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर मोतीपानी के इन 41 मासूम बच्चों को उनका अपना स्कूल भवन कब मिलेगा और कब तक वे गाय के कोठे में बैठकर अपना भविष्य संवारने को मजबूर रहेंगे?

Advertisement
Advertisement

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top