आवास सूची पर ग्राम सभा में हंगामा, महिला ने किया आत्मदाह का प्रयास

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नाम नहीं मिलने पर खुद पर डाला पेट्रोल, ग्रामीणों ने बचाई जान; जांच में दो पक्के मकान मिलने का दावा, सरपंच ने आरोपों का किया खंडन

राजनांदगांव। जिले के ग्राम पंचायत डिलापहरी में आयोजित ग्राम सभा उस समय हंगामे में बदल गई, जब प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत तैयार पात्र हितग्राहियों की सूची में नाम नहीं आने से नाराज एक महिला ने सभा स्थल पर अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों की सतर्कता से महिला को समय रहते रोक लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

जानकारी के अनुसार, 24 जून 2026 को ग्राम पंचायत डिलापहरी में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास प्लस सर्वे 2.0 (2024) में शामिल पात्र परिवारों की सूची का परीक्षण एवं सत्यापन करने के लिए ग्राम सभा आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान सूची का सार्वजनिक रूप से वाचन किया गया।

इसी दौरान ग्राम डिलापहरी निवासी श्रीमती संतोषी राजपूत ने सूची में अपना नाम नहीं होने पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कारण पूछा। ग्राम पंचायत के अनुसार सरपंच ने उन्हें बताया कि निर्धारित पात्रता के अनुसार उनका नाम सूची में शामिल नहीं किया गया है। इस जवाब से असंतुष्ट होकर महिला ने कथित रूप से सभा में नाराजगी जताई और “प्रधानमंत्री आवास कब मिलेगा” कहते हुए अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया तथा आत्मदाह का प्रयास किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय ग्राम सभा में मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए महिला को पकड़ लिया और पेट्रोल से आग लगाने से पहले ही स्थिति को नियंत्रित कर लिया। घटना के बाद ग्राम पंचायत प्रशासन ने तत्काल इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी।

जांच में सामने आई दो पक्के मकानों की जानकारी

ग्राम पंचायत की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, मामले की जांच में यह तथ्य सामने आया कि श्रीमती संतोषी राजपूत के परिवार के नाम पर ग्राम डिलापहरी के वार्ड क्रमांक-01 में दो पक्के मकान दर्ज हैं। इनमें से एक मकान दो मंजिला बताया गया है।

ग्राम पंचायत का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रावधानों के अनुसार जिन परिवारों के पास पहले से पक्का मकान उपलब्ध है, वे योजना के पात्र हितग्राही नहीं माने जाते। इसी आधार पर उनका नाम पात्रता सूची में शामिल नहीं किया गया।

सरपंच ने आरोपों का किया खंडन

ग्राम पंचायत के सरपंच ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पंचायत ने शासन के निर्धारित नियमों, सर्वे रिपोर्ट और पात्रता मानकों के अनुरूप ही सूची तैयार की है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में आत्मदाह जैसा कदम उचित नहीं है और इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है।

वैधानिक प्रक्रिया अपनाने की अपील

ग्राम पंचायत प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि शासन की किसी भी योजना को लेकर यदि किसी प्रकार की आपत्ति या शिकायत हो तो उसका समाधान वैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से कराया जाए। प्रशासन ने कहा कि आत्मघाती कदम न केवल अनुचित हैं, बल्कि इससे स्वयं की जान जोखिम में पड़ने के साथ-साथ सामाजिक और कानूनी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।

फिलहाल घटना के बाद पूरे गांव में इस मामले को लेकर चर्चा का माहौल है। प्रशासन की ओर से मामले की आवश्यक कार्रवाई जारी है।

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