सीआरपीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता, आईईडी और हथियार मौके पर किए गए नष्ट
गरियाबंद, 13 जून। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित गरियाबंद जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सीआरपीएफ की 65वीं वाहिनी और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने जंगल में छिपाकर रखे गए नक्सलियों के एक बड़े डम्प का पता लगाते हुए भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, हथियार और दैनिक उपयोग के सामान बरामद किए हैं। सुरक्षा बलों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया, जिससे संभावित बड़े हमले और जनहानि की आशंका टल गई।
खुफिया सूचना पर चला विशेष सर्च अभियान
मिली जानकारी के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को विश्वसनीय खुफिया सूचना प्राप्त हुई थी कि मैनपुर थाना क्षेत्र के घने जंगलों में नक्सलियों द्वारा विस्फोटक और हथियारों का जखीरा छिपाकर रखा गया है। सूचना के आधार पर 11 जून को कुल्हारीघाट स्थित एफ कंपनी, 65वीं वाहिनी सीआरपीएफ तथा जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने विशेष सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
सुरक्षा बलों ने कुल्हारीघाट कैंप से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित डडईपानी और दंद्रईपानी के जंगल क्षेत्रों में गहन तलाशी अभियान चलाया। लगातार सर्चिंग के दौरान 12 जून को जवानों को जंगल में संदिग्ध रूप से छिपाकर रखा गया एक डम्प दिखाई दिया।
बीडीडीएस टीम ने की जांच
डम्प मिलने के बाद बम निरोधक दस्ते (बीडीडीएस) को मौके पर बुलाया गया। विशेषज्ञों द्वारा जांच किए जाने पर पुष्टि हुई कि डम्प में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और हथियार मौजूद हैं। सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया और बाद में विस्फोटक सामग्री को नियंत्रित तरीके से नष्ट किया गया।
बरामद सामग्री में क्या-क्या मिला
सुरक्षा बलों द्वारा बरामद किए गए डम्प से निम्नलिखित सामग्री मिली—
- लगभग 4 किलोग्राम वजनी प्रेशर आईईडी
- लगभग 5 किलोग्राम वजनी कुकर आईईडी
- भरमार रायफल
- इंटरसेप्टर उपकरण
- यूबीजीएल (अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) राउंड
- रायफल मैगजीन
- कोडेक्स वायर
- गन पाउडर
- पटाखे एवं विस्फोटक निर्माण सामग्री
- दवाइयां
- दैनिक उपयोग के अन्य सामान
सुरक्षाकर्मियों और नागरिकों के लिए था बड़ा खतरा
अधिकारियों के अनुसार बरामद विस्फोटक सामग्री का उपयोग नक्सली सुरक्षा बलों पर हमले करने या आम नागरिकों को नुकसान पहुंचाने के लिए कर सकते थे। विशेष रूप से आईईडी जैसे घातक विस्फोटकों की मौजूदगी सुरक्षा बलों और ग्रामीणों दोनों के लिए गंभीर खतरा थी। समय रहते इनकी बरामदगी और निष्क्रियकरण से संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।
लगातार अभियान से कमजोर हो रहा नक्सली नेटवर्क
गरियाबंद जिले में पिछले कुछ समय से सुरक्षा बलों द्वारा लगातार संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं। जंगलों में सर्चिंग, क्षेत्र वर्चस्व अभियान और खुफिया नेटवर्क को मजबूत किए जाने के कारण नक्सलियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगा है। लगातार हो रही कार्रवाई से नक्सल संगठन के लॉजिस्टिक नेटवर्क और हथियार आपूर्ति तंत्र को भी नुकसान पहुंच रहा है।
शांति और विकास की दिशा में बढ़ता कदम
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि क्षेत्र को परित्यक्त हथियारों, विस्फोटकों और नक्सली गतिविधियों से मुक्त कराने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। सुरक्षा बलों का उद्देश्य न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और विकास का वातावरण स्थापित करना भी है।
Sansani Times निष्कर्ष
गरियाबंद के जंगलों में छिपाए गए विस्फोटकों और हथियारों के बड़े जखीरे की बरामदगी सुरक्षा बलों की सतर्कता और प्रभावी खुफिया तंत्र का परिणाम है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि नक्सलियों के मंसूबों को विफल करने के लिए सुरक्षा बल पूरी मजबूती और रणनीति के साथ मैदान में डटे हुए हैं। समय रहते की गई इस कार्रवाई से न केवल सुरक्षा बलों की जान बची, बल्कि क्षेत्र के आम नागरिकों को भी संभावित खतरे से सुरक्षित किया जा सका।




🖋️ शशिकांत “सनसनी” देवांगन (शशि कुमार देवांगन)
👨👦 पिता: स्वर्गीय गिरधारी प्रसाद देवांगन
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📰 वर्ष 2010 से पत्रकारिता जगत में सक्रिय शशिकांत “सनसनी” देवांगन ने अपनी पहचान निर्भीक, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता से बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समय दर्शन दैनिक अख़बार से राजनांदगांव जिला ब्यूरो चीफ के रूप में की। वर्ष 2012 में राजनांदगांव पत्रिका दैनिक से जुड़ने के बाद उन्हें “शशिकांत सनसनी” नाम से विशेष पहचान मिली।
🎙️ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में Swaraj Express, Lalluram.com, Anadi News, Sudarshan News, वंदे भारत न्यूज़ तथा AB News में स्पेशल रिपोर्टर और स्टेट हेड, Chhattisgarh के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।
📺 वर्तमान में वे “सनसनी टाइम्स” YouTube चैनल एवं 🌐 SansaniTimes.in पोर्टल के संपादक के रूप में सक्रिय हैं।
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