महानदी किनारे रेत उत्खनन के दौरान मिले करीब 10 कंकाल, ग्रामीणों का हंगामा; प्रशासन और खनिज विभाग पर मिलीभगत के आरोप
धमतरी | सन्नी टाइम्स डेस्क
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इंसानी संवेदनाओं, धार्मिक आस्था और प्रशासनिक व्यवस्था—तीनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के खरेंगा क्षेत्र स्थित महानदी किनारे अवैध रेत खनन के दौरान जमीन से मानव कंकाल निकलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों का आरोप है कि रेत माफियाओं ने लालच में श्मशान घाट तक को नहीं छोड़ा और रात के अंधेरे में लगातार अवैध उत्खनन करते रहे।
बताया जा रहा है कि खुदाई के दौरान करीब 10 मानव कंकाल और अस्थियां बाहर निकल आईं, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सुबह जैसे ही यह खबर गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
सुबह की खुदाई और जमीन से निकलने लगे कंकाल
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महानदी किनारे ट्रैक्टरों और मशीनों से रेत निकाली जा रही थी। इसी दौरान मजदूरों को खुदाई में मानव अवशेष दिखाई दिए। पहले तो मजदूर घबरा गए, लेकिन कुछ ही देर में वहां से लगातार कंकाल और अस्थियां निकलने लगीं।
ग्रामीणों का दावा है कि जिस स्थान पर उत्खनन किया जा रहा था, वह वर्षों पुराना श्मशान घाट क्षेत्र है, जहां गांव के लोगों का अंतिम संस्कार किया जाता रहा है। लोगों का कहना है कि कुछ अवशेष हाल ही के प्रतीत हो रहे थे, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।
“श्मशान की पवित्रता तक नहीं छोड़ी” — ग्रामीणों में भारी नाराजगी
घटना के बाद गांव की महिलाओं और बुजुर्गों में भारी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि जिन स्थानों पर उनके पूर्वजों का अंतिम संस्कार हुआ, उसी भूमि को रेत माफियाओं ने खोद डाला।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि महानदी से लंबे समय से अवैध रेत खनन किया जा रहा था और प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी आंख मूंदे बैठा रहा। ग्रामीणों के अनुसार रातभर ट्रैक्टरों से रेत निकाली जाती थी और यह पूरा खेल खुलेआम चलता रहा।
ग्रामीणों ने खनिज विभाग और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना संरक्षण के इतनी बड़ी मात्रा में अवैध खनन संभव नहीं है।
प्रशासन और खनिज विभाग कटघरे में
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर श्मशान घाट क्षेत्र में खनन कैसे होने दिया गया? यदि उत्खनन अवैध था, तो जिम्मेदार विभागों ने अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की?
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई। महानदी से रेत निकालकर ट्रैक्टर और हाइवा वाहन गांवों से लेकर धमतरी शहर तक पहुंचते रहे, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रही।
अब मानव कंकाल मिलने के बाद मामला तूल पकड़ चुका है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
जांच और कार्रवाई की मांग तेज
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और अवैध खनन पर स्थायी रोक लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ रेत चोरी का मामला नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और मानवीय संवेदनाओं का अपमान है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
बड़ा सवाल अब भी बरकरार…
क्या रेत माफियाओं के खिलाफ इस बार वास्तव में सख्त कार्रवाई होगी?
क्या श्मशान घाट तक पहुंच चुके अवैध खनन नेटवर्क पर प्रशासन लगाम लगा पाएगा?
और सबसे अहम—क्या इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी?
फिलहाल धमतरी का यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

🖋️ शशिकांत “सनसनी” देवांगन (शशि कुमार देवांगन)
👨👦 पिता: स्वर्गीय गिरधारी प्रसाद देवांगन
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📰 वर्ष 2010 से पत्रकारिता जगत में सक्रिय शशिकांत “सनसनी” देवांगन ने अपनी पहचान निर्भीक, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता से बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समय दर्शन दैनिक अख़बार से राजनांदगांव जिला ब्यूरो चीफ के रूप में की। वर्ष 2012 में राजनांदगांव पत्रिका दैनिक से जुड़ने के बाद उन्हें “शशिकांत सनसनी” नाम से विशेष पहचान मिली।
🎙️ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में Swaraj Express, Lalluram.com, Anadi News, Sudarshan News, वंदे भारत न्यूज़ तथा AB News में स्पेशल रिपोर्टर और स्टेट हेड, Chhattisgarh के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।
📺 वर्तमान में वे “सनसनी टाइम्स” YouTube चैनल एवं 🌐 SansaniTimes.in पोर्टल के संपादक के रूप में सक्रिय हैं।
✨ पहचान — बेबाक, तेज़ और सच को जनता तक पहुँचाने वाली पत्रकारिता।



