कुरुद में ED की बड़ी छापेमारी: भारतमाला प्रोजेक्ट जमीन घोटाले में भूपेंद्र चंद्राकर और रोशन चंद्राकर के ठिकानों पर दबिश

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शशिकांत सनसनी | SANSANI TIMES

धमतरी/कुरुद।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के कुरुद विधानसभा क्षेत्र में सोमवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप मच गया। सुबह लगभग 6 बजे चार इनोवा वाहनों में पहुंचे ED अधिकारियों की टीम ने सुरक्षा बलों के जवानों के साथ भूपेंद्र चंद्राकर और रोशन चंद्राकर के निवास पर एक साथ छापेमारी की।

बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई भारतमाला प्रोजेक्ट से जुड़े कथित जमीन घोटाले और गलत तरीके से मुआवजा राशि प्राप्त करने के आरोपों के तहत की जा रही है। ED की टीम सुबह से ही दस्तावेजों की गहन जांच में जुटी हुई है और जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात खंगाले जा रहे हैं।

भारतमाला प्रोजेक्ट में करोड़ों के मुआवजे पर सवाल

सूत्रों के अनुसार, भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत अधिग्रहित जमीनों में कथित रूप से अपने और रिश्तेदारों के नाम पर गलत तरीके से मुआवजा राशि लेने का मामला सामने आया है। इसी शिकायत के आधार पर ED ने जांच तेज करते हुए कुरुद में यह बड़ी कार्रवाई की है।

अधिकारियों का फोकस विशेष रूप से जमीन के स्वामित्व, मुआवजा वितरण और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों पर है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि क्या सरकारी प्रक्रिया में हेराफेरी कर अवैध रूप से लाभ लिया गया।

विधायक अजय चंद्राकर से पारिवारिक संबंध

जिस भूपेंद्र चंद्राकर के निवास पर ED ने दबिश दी है, वे कुरुद विधायक अजय चंद्राकर के चचेरे भाई बताए जा रहे हैं। इस कारण मामला और अधिक राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है।

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सुबह से ही स्थानीय लोगों की भीड़ घरों के बाहर जमा रही और पूरे इलाके में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई।

रोशन चंद्राकर पहले भी रहे हैं विवादों में

दूसरी ओर, कुरुद के वार्ड क्रमांक 15 निवासी रोशन चंद्राकर के घर भी ED की टीम ने छापा मारा। यहां दो इनोवा वाहनों में अधिकारी पहुंचे और घर के भीतर गहन जांच शुरू की गई। सुरक्षा के लिए जवानों की तैनाती की गई है और महिला अधिकारी भी जांच दल में शामिल हैं।

रोशन चंद्राकर पूर्व में राइस मिल एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रह चुके हैं। उन पर पहले से ही लगभग 140 करोड़ रुपये के कस्टम मिलिंग घोटाले का आरोप है। इस मामले में वे जेल भी जा चुके हैं और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।

बताया जा रहा है कि भारतमाला प्रोजेक्ट में जमीन घोटाले और संदिग्ध मुआवजा भुगतान की जांच के दौरान उनका नाम फिर सामने आया, जिसके बाद ED ने यह कार्रवाई की।

सुबह 6 बजे से जारी है जांच

करीब 7 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी ED की टीम दोनों ठिकानों पर मौजूद रही। अधिकारी लगातार दस्तावेजों की जांच, पूछताछ और रिकॉर्ड सत्यापन में लगे रहे।

स्थानीय प्रशासन भी पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल ED की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन कार्रवाई की गंभीरता को देखते हुए आने वाले समय में बड़े खुलासे संभव माने जा रहे हैं।

पूरे कुरुद में मचा हड़कंप

इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी के बाद पूरे कुरुद क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि जांच में आगे क्या सामने आएगा और क्या इस मामले में और बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं।

अब सबकी नजर ED की अगली कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो यह मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा भूचाल ला सकता है।

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