रात के अंधेरे में बेखौफ मुरुम माफिया! धमतरी में अवैध उत्खनन से राजस्व को लाखों का नुकसान, ग्रामीणों में दहशत

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धमतरी | सियादेही ग्राम पंचायत से सनसनीखेज मामला

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में इन दिनों अवैध मुरुम उत्खनन का बड़ा खेल खुलेआम चल रहा है। रात के अंधेरे में मुरुम माफिया बिना अनुमति और बिना रॉयल्टी के सैकड़ों ट्रिप हाइवा से मुरुम निकालकर शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे हैं। मामला धमतरी जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित सियादेही ग्राम पंचायत का है, जहां ग्रामीण अब इस अवैध कारोबार से परेशान और भयभीत नजर आ रहे हैं।

रात 9 बजे शुरू होता है खेल, सुबह तक दौड़ती हैं हाइवा

ग्रामीणों के मुताबिक अवैध मुरुम उत्खनन का काम रात करीब 9 बजे शुरू होता है और सुबह 7 बजे तक लगातार जारी रहता है। इस दौरान गांव के भीतर से सैकड़ों ट्रिप हाइवा गुजरती हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीणों की नींद हराम हो चुकी है, वहीं छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर माता-पिता लगातार चिंता में हैं।

गांव के लोगों का कहना है कि बच्चे अक्सर घर के बाहर और रास्तों में खेलते रहते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार हाइवा कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

15 से 20 फीट तक कर दी खोदाई, हादसे का खतरा बढ़ा

जानकारी के अनुसार मुरुम माफियाओं ने पैसे कमाने की होड़ में 15 से 20 फीट तक गहरी खुदाई कर दी है। इससे इलाके में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध उत्खनन के चलते पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंच रहा है और खेती की जमीनों पर भी असर पड़ने लगा है।

ग्राम पंचायत और खनिज विभाग पर मिलीभगत के आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत और खनिज विभाग की मिलीभगत के चलते मुरुम माफिया बेखौफ होकर अवैध कारोबार चला रहे हैं। बिना रॉयल्टी और बिना किसी वैध अनुमति के रोजाना सैकड़ों ट्रिप मुरुम निकाली जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने के बजाय आंखें मूंदे बैठे हैं।

“जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत” — खूबलाल ध्रुव

पूर्व जिला पंचायत सदस्य खूबलाल ध्रुव ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि वास्तव में अवैध मुरुम उत्खनन हो रहा है तो इसकी शिकायत खनिज अधिकारी और कलेक्टर से की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुशासन की बात की जाती है, लेकिन अगर प्रशासन की नाक के नीचे इस तरह अवैध कारोबार चलता रहा तो यह शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

अपर कलेक्टर ने लिया संज्ञान

मामले को लेकर अपर कलेक्टर ने संज्ञान लेते हुए खनिज विभाग को जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में अवैध उत्खनन की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सवालों के घेरे में खनिज विभाग

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर अवैध उत्खनन होने के बावजूद खनिज विभाग अब तक कार्रवाई क्यों नहीं कर पाया? क्या मुरुम माफियाओं को किसी का संरक्षण प्राप्त है? या फिर विभागीय अनदेखी के चलते शासन को लाखों का चूना लगाया जा रहा है?

जब तक प्रशासनिक कार्रवाई जमीन पर नजर नहीं आती, तब तक सियादेही में अवैध मुरुम उत्खनन का यह खेल लगातार जारी रहने की आशंका बनी हुई है।

Sansani Times Special Report

“रात के अंधेरे में चल रहा मुरुम का काला खेल… प्रशासन के दावों पर उठ रहे सवाल”

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