गौ माता के सम्मान में शिवसेना का उपवास धरना, मुख्यमंत्री के नाम जिलाधीश को सौंपा ज्ञापन

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राजनांदगांव। गौमाता की रक्षा, सम्मान और गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर शिवसेना ने सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट के सामने एक दिवसीय उपवास धरना आयोजित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम जिलाधीश को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश में बढ़ रही गौ तस्करी, गोहत्या और गौ संरक्षण की गंभीर स्थिति पर तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग की गई।

यह अभियान शिवसेना के प्रदेश प्रमुख धनंजय सिंह परिहार के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में एक साथ चलाया गया। राजनांदगांव में कार्यक्रम का नेतृत्व शिवसेना प्रदेश सचिव कमल सोनी ने किया।

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गौशाला में पूजा के बाद शुरू हुआ उपवास धरना

कार्यक्रम की शुरुआत पिंजरापोल गौशाला में गौमाता की विधिवत पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद शिवसेना के मुख्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां एक दिवसीय उपवास धरना प्रारंभ किया गया।

दोपहर 3 बजे शिवसेना प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधीश को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के साथ गौ रक्षा हस्ताक्षर अभियान के तहत आम नागरिकों से जुटाए गए हस्ताक्षरयुक्त दस्तावेज भी सौंपे गए, जिससे इस मुद्दे पर जनसमर्थन स्पष्ट रूप से सामने आया।

गौ रक्षा के लिए अटूट संकल्प

उपवास धरने के माध्यम से शिवसेना पदाधिकारियों और शिवसैनिकों ने गौमाता की रक्षा के लिए अपना अटूट संकल्प व्यक्त किया। कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करने का प्रयास किया।

इस दौरान शिवसेना दुर्ग संभाग प्रमुख राकेश श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष आकाश सोनी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और गौ भक्त उपस्थित रहे।

प्रदेश में बढ़ रही गौ तस्करी पर चिंता

प्रदेश सचिव कमल सोनी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही गौ तस्करी और गोहत्या की घटनाएं अत्यंत चिंताजनक हैं। इससे आम जनता की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं और समाज में आक्रोश बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि शिवसेना उपवास जैसे शांतिपूर्ण माध्यमों से शासन को चेताने का प्रयास कर रही है ताकि समय रहते इस गंभीर विषय पर प्रभावी निर्णय लिया जा सके।

प्रमुख मांगें

शिवसेना ने ज्ञापन के माध्यम से शासन के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं—

  • प्रदेश में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए
  • दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए
  • गोमाता को “राज्य माता” का दर्जा दिया जाए
  • प्रदेश के गौठानों को व्यवस्थित रूप से गौशाला में परिवर्तित किया जाए
  • प्रत्येक गौठान में 2 गौ सेवकों की कलेक्टर दर पर नियुक्ति की जाए
  • गौ तस्करी में प्रयुक्त वाहनों पर सख्त राजसात (जब्ती) की कार्रवाई की जाए

शिवसेना का कहना है कि इन मांगों पर गंभीरता से अमल किए बिना गौ संरक्षण की दिशा में वास्तविक सुधार संभव नहीं है।

बड़ी संख्या में शामिल हुए पदाधिकारी

उपवास धरने में मुख्य रूप से किसान सेना के प्रदेश अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव, प्रदेश सचिव दिनेश ताम्रकार, जिलाध्यक्ष आकाश सोनी, विधानसभा अध्यक्ष मुकेश साहू, शिवशंकर गौर, कुंदन सोनी, पवन सोनी, ज्ञानचंद लोढ़ा, संजय यादव, नीलकंठ यादव, गोविंद साहू, दुलेचंद साहू, संजय यदु, गोविंद चंद्राकर, छोटू साहू, धनेश साहू, हरेंद्र मालेकर, टोमन सोनकर सहित बड़ी संख्या में शिवसैनिक और गौ भक्त शामिल हुए।

उग्र आंदोलन की चेतावनी

कमल सोनी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शासन-प्रशासन द्वारा मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो शिवसेना आने वाले समय में और व्यापक तथा उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

उन्होंने जिलाधीश से आग्रह किया कि ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र मुख्यमंत्री तक प्रेषित किया जाए।

कार्यक्रम के अंत में शिवसेना पदाधिकारियों ने सभी शिवसैनिकों, गौ भक्तों और आम नागरिकों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उपवास धरना में शामिल होकर इस अभियान को सफल बनाया।

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