महिलाओं और बुजुर्गों ने बुलडोजर के सामने बैठकर किया विरोध, ग्रामीणों की नारेबाजी से कई घंटे तक तनावपूर्ण रहा माहौल
Sansani Times Desk | रायपुर | 29 जून 2026
रायपुर जिले के समीप स्थित नकटी (सम्मानपुर) गांव सोमवार सुबह उस समय तनाव का केंद्र बन गया, जब जिला प्रशासन, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम सरकारी भूमि पर चिन्हित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए गांव पहुंची। पूर्व निर्धारित अभियान के तहत बुलडोजर के माध्यम से निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन कार्रवाई प्रारंभ होते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्थिति को देखते हुए पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों एवं अधिकारियों की तैनाती की गई। अभियान के दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी करते रहे।
सुबह आठ बजे शुरू हुआ अभियान
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह लगभग आठ बजे प्रशासनिक टीम चिन्हित स्थानों पर पहुंची और बुलडोजर के माध्यम से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई प्रारंभ होते ही प्रभावित परिवारों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
कुछ ही देर में पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया। पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर कार्रवाई जारी रखी, जबकि प्रशासनिक अधिकारी लगातार लोगों को समझाने और शांति बनाए रखने की अपील करते रहे।
रविवार रात से ही गांव में तैनात था भारी पुलिस बल
संभावित विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने रविवार देर रात से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। गांव के प्रमुख मार्गों, प्रवेश द्वारों और संवेदनशील स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।
रातभर पुलिस अधिकारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण किया और सोमवार सुबह पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार अभियान शुरू किया गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल एवं रिजर्व फोर्स भी तैयार रखी गई थी।
पहले ही जारी किए गए थे बेदखली नोटिस
जानकारी के अनुसार कार्रवाई से पहले राजस्व विभाग द्वारा गांव के वार्ड क्रमांक 16 एवं 17 में स्थित कई मकानों और निर्माणों को बेदखली नोटिस जारी किए गए थे। संबंधित परिवारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए थे।
हालांकि नोटिस मिलने के बाद से ही ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया तथा वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित किए बिना कार्रवाई की जा रही है।
महिलाओं और बुजुर्गों ने बुलडोजर के सामने बैठकर किया विरोध
कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग एवं परिवार के अन्य सदस्य अपने घरों के सामने बैठ गए और प्रशासन से बुलडोजर रोकने की अपील करने लगे। कई लोगों ने अपने मकानों को बचाने की मांग उठाई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई महिलाएं भावुक हो गईं और रोते हुए अधिकारियों से कार्रवाई रोकने की गुहार लगाती रहीं। इस दौरान कुछ स्थानों पर पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बनी, हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया।
सड़क पर बैठकर किया प्रदर्शन, यातायात भी प्रभावित
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में ग्रामीण सड़क पर बैठ गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के कारण कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा।
ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और कार्रवाई तत्काल रोकने की मांग करते रहे। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन लंबे समय तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
बुलडोजर पर पथराव की भी सूचना
घटना के दौरान कुछ युवकों द्वारा बुलडोजर की दिशा में पत्थर फेंके जाने की सूचना भी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी तथा बुलडोजर एवं प्रशासनिक टीम के चारों ओर अतिरिक्त सुरक्षा घेरा बना दिया।
हालांकि अधिकारियों की सतर्कता और सुरक्षा बलों की मौजूदगी के चलते अभियान जारी रहा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को सक्रिय रखा गया।
प्रशासन का पक्ष
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह अभियान सरकारी भूमि से चिन्हित अतिक्रमण हटाने की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई से पहले संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे और सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना शासन की प्राथमिकता है और पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में की जा रही है।
ग्रामीणों का पक्ष
दूसरी ओर प्रभावित परिवारों और ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया तथा पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराए बिना मकानों को हटाया जा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्रवाई स्थगित करने, मामले की दोबारा समीक्षा करने तथा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
फिलहाल क्या है स्थिति
समाचार लिखे जाने तक गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती जारी थी। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर पूरे अभियान की निगरानी कर रहे थे। क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।
प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से बचने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। वहीं ग्रामीणों ने भी अपनी मांगों को लेकर प्रशासन से वार्ता जारी रखने की बात कही है।
Sansani Times Fact File
- घटना स्थल: नकटी (सम्मानपुर) गांव, रायपुर के समीप
- घटना की तारीख: 29 जून 2026 (सोमवार)
- कार्रवाई: सरकारी भूमि से चिन्हित अतिक्रमण हटाने का अभियान
- सुरक्षा व्यवस्था: 1000 से अधिक पुलिसकर्मी एवं अधिकारी तैनात
- विरोध: महिलाओं, बुजुर्गों एवं ग्रामीणों द्वारा प्रदर्शन और नारेबाजी
- प्रशासन का दावा: नोटिस जारी करने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई
- ग्रामीणों की मांग: पुनर्वास, वैकल्पिक व्यवस्था और कार्रवाई पर पुनर्विचार
Disclaimer
यह समाचार उपलब्ध प्रत्यक्ष रिपोर्टों, स्थानीय सूत्रों, प्रत्यक्षदर्शियों के कथनों तथा प्रारंभिक प्रशासनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में शामिल दावे संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित हैं। यदि जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, पुलिस अथवा किसी अन्य संबंधित पक्ष की ओर से कोई नया आधिकारिक बयान, स्पष्टीकरण या तथ्य सामने आते हैं, तो समाचार को उसी के अनुरूप अद्यतन किया जाएगा। Sansani Times किसी अपुष्ट जानकारी का समर्थन नहीं करता और पाठकों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील करता है।

🖋️ शशिकांत “सनसनी” देवांगन (शशि कुमार देवांगन)
👨👦 पिता: स्वर्गीय गिरधारी प्रसाद देवांगन
📍 पता: राजीव नगर, वार्ड नं. 42, बसंतपुर, राजनांदगांव, Chhattisgarh – 491441
📞 मोबाइल: 9406138940
📰 वर्ष 2010 से पत्रकारिता जगत में सक्रिय शशिकांत “सनसनी” देवांगन ने अपनी पहचान निर्भीक, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता से बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समय दर्शन दैनिक अख़बार से राजनांदगांव जिला ब्यूरो चीफ के रूप में की। वर्ष 2012 में राजनांदगांव पत्रिका दैनिक से जुड़ने के बाद उन्हें “शशिकांत सनसनी” नाम से विशेष पहचान मिली।
🎙️ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में Swaraj Express, Lalluram.com, Anadi News, Sudarshan News, वंदे भारत न्यूज़ तथा AB News में स्पेशल रिपोर्टर और स्टेट हेड, Chhattisgarh के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।
📺 वर्तमान में वे “सनसनी टाइम्स” YouTube चैनल एवं 🌐 SansaniTimes.in पोर्टल के संपादक के रूप में सक्रिय हैं।
✨ पहचान — बेबाक, तेज़ और सच को जनता तक पहुँचाने वाली पत्रकारिता।



