सुशासन तिहार के बीच चाकूबाजी: ग्राम सरपंच पर हमला, आरोपी गिरफ्तार

addtext 05 19 06.10.24

पलांदुर शिविर में मची अफरा-तफरी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

डोंगरगढ़ / छत्तीसगढ़

राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पलांदुर में आयोजित सुशासन तिहार शिविर उस समय सनसनीखेज घटना का केंद्र बन गया, जब एक युवक ने ग्राम सरपंच पर चाकू से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से शिविर स्थल पर अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई। घायल सरपंच को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि मौजूद लोगों और पुलिस की मदद से आरोपी युवक को मौके पर ही पकड़ लिया गया।

जानकारी के अनुसार, ग्राम पलांदुर में राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना “सुशासन तिहार” के तहत समाधान शिविर आयोजित किया गया था। शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सुनने और विभिन्न मांगों एवं शिकायतों के निराकरण के लिए प्रशासनिक व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे थे और विभिन्न विभागों के आवेदन लिए जा रहे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान जितेंद्र राम नामक युवक अचानक मंच के पास पहुंचा और ग्राम सरपंच पर धारदार चाकू से हमला कर दिया। घटना इतनी तेजी से हुई कि कुछ पल के लिए मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। हमले के बाद शिविर परिसर में अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।

घटना के तुरंत बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और हिरासत में ले लिया। प्रशासन की ओर से जारी प्रारंभिक जानकारी में बताया गया है कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा पूरे मामले की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बावजूद प्रशासन ने शिविर का संचालन जारी रखा। अधिकारियों के अनुसार, शिविर में कुल 713 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अधिकांश आवेदन मांग और शिकायत से संबंधित थे। प्रशासन ने दावा किया कि स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया गया और कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न कराया गया।

हालांकि इस घटना के बाद प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों और उपस्थित लोगों का कहना है कि इतने बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नजर नहीं आए। लोगों के बीच यह चर्चा भी रही कि शिविर के दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे, जिससे सुरक्षा और समन्वय व्यवस्था कमजोर दिखाई दी।

मामले ने नया मोड़ तब लिया जब आरोपी जितेंद्र राम ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि लगभग दो माह पहले उसकी पत्नी के साथ ग्राम सरपंच द्वारा कथित छेड़छाड़ की गई थी। आरोपी ने कहा कि इसी विवाद और नाराजगी के चलते उसने हमला किया। हालांकि पुलिस ने अब तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के दावों की सत्यता की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल गांव और आसपास के क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन सुशासन तिहार जैसे सरकारी कार्यक्रम के दौरान हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक सतर्कता और आयोजन प्रबंधन पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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